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यूपी: कानपुर में पिता ने बेटे के सीने में मारी थी गोली अब चलेगा हत्या का मुकदमा, सामने आया चौंकाने वाला सच

Fri, 08 Oct 2021 05:26 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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हाथ जोड़कर खड़ी मृतक कमल की पत्नी प्रीती - फोटो : amar ujala
कानपुर के बिधनू गोली कांड में फरार प्रॉपर्टी डीलर मनोज द्विवेदी पर बेटे की हत्या का मुकदमा चलेगा। पुलिस ने एफआईआर से गैर इरादतन हत्या की धारा हटा दी है। वहीं केस में आरोपी बनाई गई मृतक की पत्नी का नाम भी एफआईआर से बाहर कर दिया गया है। पुलिस की जांच में उनकी कोई भी भूमिका नहीं मिली है। पुलिस की जांच में एक बात स्पष्ट हो गई कि  वारदात की रात गोली धोखे से नहीं चली थी बल्कि जानबूझकर गोली मारकर हत्या की गई थी। बिधनू के द्विवेदी नगर में 23 सितंबर की रात प्रॉपर्टी डीलर मनोज द्विवेदी उर्फ बबलू का घर पर विवाद हुआ था। इसी दौरान उनके बेटे कमल द्विवेदी (28) की गोली लगने से मौत हो गई थी। मनोज तत्काल फरार हो गया था। मनोज की पत्नी गीता ने पति और कमल की पत्नी प्रीति पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।

 
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प्रीति परिजनों की पुलिस से हुई थी झड़प - फोटो : amar ujala
जिसमें दावा किया गया था कि कमल विवाद के दौरान खुदकुशी के लिए बंदूक ले आया था। रोकने के दौरान जब छीनाझपटी हुई तो गोली चल गई थी। जो कमल को लगी। इधर प्रीति ने मामले में पुलिस को तहरीर दी थी जिसमें मनोज पर हत्या का आरोप लगाया था।

 
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नौ माह पहले हुई थी बेटी - फोटो : amar ujala
एएसपी आउटर आदित्य शुक्ला ने बताया कि मामले की जांच की गई। साक्ष्यों की समीक्षा की गई। जिसके बाद गैरइरादतन हत्या की धारा (304) को हत्या (302) में बदला गया। हत्या के सापेक्ष काफी अहम साक्ष्य पुलिस ने जुटाए हैं।

 

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पुलिस ने किया था खेल - फोटो : amar ujala
इसमें प्रीति की किसी तरह की भूमिका नहीं मिली। इसलिए उनका नाम केस से बाहर कर दिया गया है। अब हत्यारोपी मनोज की तलाश की जा रही है। जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। 

 
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सफेद सूट में मृतक कमल की पत्नी - फोटो : amar ujala
फोरेंसिक रिपोर्ट अहम साबित हुई
वारदात के बाद पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े हो रहे थे। मगर फोरेंसिक जांच रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा गया था कि वारदात गैर इरादतन नहीं हत्या की है। जिस एंगल से गोली कमल के लगी थी उस तरह से छीनाझपटी में नहीं लग सकती। वहीं, बंदूक पर कमल के फिंगर प्रिंट नहीं मिले थे। इससे ये बात भी स्पष्ट हो गई कि कमल ने खुदकुशी का प्रयास नहीं किया था। पूरी कहानी मनगढ़ंत थी।
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