विकास दुबे के आतंक के साये तले जीने वाले बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के बिकरू गांव में 20 साल में पहली बार बेखौफ मतदान हुआ है। लोग बताने लगे कि पहले चुनाव के दो दिन पहले पंडित जी की गद्दी से फरमान जारी होता। बुलेट टीम गांवों में जाकर राजनीतिक दल का निशान बता देती।
इसके बाद फिर उसी चुनाव चिह्न पर वोट पड़ते। अगर किसी ने उस चिह्न का बटन न दबाया तो फिर उसकी जान की आफत आ जाती। इस बार चुनाव में ऐसा नहीं रहा। मतदाता उच्च प्राथमिक विद्यालय के मतदान केंद्र पर आए और इत्मिनान से वोट डालकर चले गए।
बिकरू के मतदान केंद्र पर सुबह 7:30 बजे वोट डालने के लिए पुरुष और महिलाओं की लाइन लगी रही। लोग पर्ची लेकर आते और राजनीतिक दलों के एजेंटों को दिखाते तो वे इशारा कर देते कि किस बूथ पर जाना है। लोग बोले कि यह दिन देखने का मौका बिकरू को दो दशक के बाद मिला है, जब लोगों ने अपनी मन की सुनकर वोट डाला।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
UP Election 2022: बिकरू में बेखौफ हुआ मतदान
- फोटो : अमर उजाला
मतदान केंद्र में अमरेंद्र सिंह सेंगर मिल गए। बताने लगे कि विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव लड़ी थीं। उन्होंने विकास दुबे के हुक्मनामे के खिलाफ वोट डाल दिया। उसके बाद उन पर हमला हुआ। किसी तरह जान बच गई। बिकरू के अरुण कुशवाहा ने भी विकास दुबे के खिलाफ जाकर वोट किया था।
विज्ञापन
3 of 5
UP Election 2022: बिकरू में बेखौफ हुआ मतदान
- फोटो : अमर उजाला
यह पता लगने के बाद दुर्दांत ने उनकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन वह गांव से कुछ दिन के लिए हट गए। सेंगर बताते हैं कि विकास दुबे को पता चल जाता था कि किसने वोट नहीं दिया। जब हम उसके घर के पास से निकले तो हमला किया था। लेकिन पुलिस को रिपोर्ट नहीं की थी कि कौन बात बढ़ाए? लेकिन इस चुनाव में लोग स्वतंत्र रूप से वोट डाल रहे हैं। तभी वोट डालकर निकले भिक्खू (70) से पूछा कि किसी ने दबाव तो नहीं बनाया।
4 of 5
UP Election 2022: बिकरू में बेखौफ हुआ मतदान
- फोटो : अमर उजाला
कहने लगे कोई झांकने नहीं आया, अपने मन से वोट डाला है। इसी तरह यहां नूर आलम, सुनीता, सोमवती और विजय वर्मा कहने लगे कि अब जमाना बदल गया है। वहीं गांव के नुक्कड़ पर भीड़ लगाकर खड़े ग्रामीणों से पूछा तो कहने लगे आतंक का अंत तो एक न एक दिन होता ही है। सारे लोग अपने मन से वोट डाल रहे हैं। पहले यह सोचते थे कि कौन शामत मोल ले। लेकिन स्थिति दूसरे गांव की तरह हो गई है।
UP Election 2022: बिकरू में बेखौफ हुआ मतदान
- फोटो : अमर उजाला
कुंती बोली कि पंडित जी ने कभी दुत्कार कर बात नहीं की
विकास दुबे के घर ठीक सामने रहने वाली कुंती (72) वोट डालने की तैयार की कर रही थीं। जब अमर उजाला टीम पहुंची तो वे एक लड़के को अपनी पर्ची दिखा रही थीं। उनसे पूछा कि विकास दुबे के अंत के बाद गांव की क्या स्थिति है? गमगीन होकर आरसीसी रोड दिखाते बोलीं कि यह सब तरक्की पंडित जी की वजह से हुई है। बोलीं कि उन्होंने कभी हमसे दुत्कार कर बात नहीं की। बहुत सम्मान से काकी कहकर बात करते रहे। वोट किसे देंगी? तो बात घुमा दी बोलीं कि हम पढ़े-लिखे नहीं हैं देखा जाएगा।