कानपुर के बर्रा में धर्मांतरण प्रकरण में पहले पुलिस की लापरवाही और फिर कुछ अतिवादियों की सक्रियता ने मामूली विवाद की चिंगारी को भड़काने का काम किया। बुधवार को बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण के मामले में अफसार को घर से खींचकर पीटा तो गुजैनी चौकी और बर्रा थाने की पुलिस ने लापरवाही बरती। एकतरफा कार्रवाई करते हुए धाराओं में खेल कर दिया। विवाद को सुलझाने के बजाय पुलिस खुद उलझी नजर आई। पूरा प्रकरण राम गोपाल चौराहे के पास स्थित झोपड़ पट्टी से नौ जुलाई को शुरू हुआ। यहां रहने वाला ई-रिक्शा चालक मुकुल पड़ोसी सलमान के साथ रात करीब दस बजे घर लौट रहा था। तभी ई-रिक्शा पड़ोसी महिला की झोपड़ी में घुस गया। हादसे के बाद महिला और उसके पति की मुकुल और सलमान से तीखी झड़प हुई। जिसके बाद दोनों पक्ष गुजैनी चौकी पहुंचे। चौकी से बर्रा थाने भेज दिया गया। थाने में कहा गया चौकी में तहरीर दीजिए।
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धरने पर बैठे बजरंग दल के कार्यकर्ता
- फोटो : amar ujala
सलमान की मां की ओर से 12 जुलाई को दंपती के खिलाफ मारपीट, दुष्कर्म में फंसाने, धमकी का आरोप लगा तहरीर गुजैनी चौकी में दी गई। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया। इधर, दूसरा पक्ष तहरीर लेकर भटकता रहा। क्योंकि, दूसरे पक्ष की तहरीर में उनकी दो नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म करने के बाद धर्मांतरण कराने की धमकी का और छेड़छाड़ का आरोप था। पुलिस ने इन धाराओं में रिपोर्ट पूरी जांच करने के बाद दर्ज करने की बात कही और दंपती को थाने से चौकी टरकाती रही।
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मौके पर तैनात फोर्स
- फोटो : amar ujala
परेशान दंपती ने विधायक महेश त्रिवेदी से मुकदमा दर्ज करवाने की गुहार लगाई तो 31 जुलाई को बर्रा थाने में सद्दाम, सलमान और मुकुल पर सिर्फ छेड़छाड़ की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस की ओर से धाराओं में खेल और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर बुधवार को महिला ने फिर विधायक से गुहार लगाई तो महेश त्रिवेदी केे बेटे शुभम त्रिवेदी और बजरंग दल के कई कार्यकर्ता महिला के पक्ष में राम गोपाल चौराहे पर प्रदर्शन करने लगे। इस बीच कुछ लोग सद्दाम, सलमान के घर घुस गए और उनके चाचा ई-रिक्शा चालक अफसार को पीटते हुए चौराहे पर ले आए। जहां पुलिस ने उसे छुड़ाया था।
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डीसीपी कार्यालय के बाहर तैनात फोर्स
- फोटो : amar ujala
एक ही वकील ने लिखवाई दोनों की तहरीर
सूत्रों के अनुसार नौ जुलाई को विवाद के बाद दोनों पक्ष पास के एक ही वकील के पास तहरीर लिखवाने पहुंचे थे। वकील साहब ने दोनों की तहरीर लिखी और धाराओं में मिलने वाली सजा का ब्योरा बताया।
नहीं कराई काउंसलिंग , न विवाद सुलझाने का प्रयास
महिला अपराध संबंधी शिकायत आने के बाद भी पुलिस ने पीड़ित परिवार न तो काउंसलिंग कराई न ही दोनों पक्षों के विवाद की वजह जानने की कोशिश की। बस मामला हल्के में धाराओं के खेल में लगे रहे।
तीन आरोपियों को किया गया है गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala
तनाव से हुआ धंधा चौपट
राम गोपाल चौराहे पर घटना के बाद झोपड़ पट्टी में पीएसी और पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। तनाव की वजह से 70 प्रतिशत दुकानेें बंद हो गईं हैं। दुकानदारों ने कहा कि मामूली विवाद से उपजे तनाव के कारण धंधा चौपट हो रहा है। ग्राहक आ ही नहीं रहे हैं।
अवैध बस्ती का कब्जा भी विवाद की वजह
राम गोपाल चौराहे पर हाईटेंशन लाइन के नीचे झोपड़ी और टट्टर डालकर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से 50 से 60 परिवार रह रहे हैं। यहां पड़ोसियों में कब्जे का विवाद भी चलता है।