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उन्नाव दुष्कर्म कांड में सीबीआई ने जिस ट्रक क्लीनर की रिमांड ली है जानिए उसकी मां रोते हुए क्या बोली

Sat, 03 Aug 2019 01:38 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, बांदा
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ट्रक क्लीनर की मां नीली साड़ी में - फोटो : अमर उजाला
उन्नाव की रेप पीड़िता के वाहन को टक्कर मारने वाले ट्रक के खलासी मोहन श्रीवास की मां रामदुलारी बेटे को लेकर चिंतित हैं। कहती हैं बेटे की याद आते ही आंखों में आंसू आ जाते हैं। उनका कहना है कि मोहन की पैरवी भगवान भरोसे है। कायदे से जिस ट्रक से घटना हुई है, उसके मालिक को ही उसकी पैरवी करनी चाहिए। मां का कहना है कि उसका अविवाहित बेटा मामूली दिहाड़ी पर काम करता था।

 
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ट्रक क्लीनर का भाई एवं परिजन - फोटो : अमर उजाला
परिवार की स्थिति ऐसी नहीं है कि हम उसकी पैरवी कर सकें। उन्नाव के भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता रविवार को अपने अधिवक्ता, मां और मौसी आदि के साथ रायबरेली जा रही थी। रास्ते में उसकी कार को ट्रक ने टक्कर मार दी। चाची और मौसी की मौत हो गई थी। अधिवक्ता और पीड़िता की हालत नाजुक है।

 
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इसी ट्रक से हुई थी उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार में टक्कर - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने ट्रक चालक के साथ ट्रक में मौजूद खलासी मोहन श्रीवास को गिरफ्तार कर लिया था। खलासी मोहन पैलानी गांव का रहने वाला है। पहले वह बड़े भाई ट्रक ड्राइवर बिल्लू के साथ काम करता था। दो साल से दूसरे ट्रक पर काम कर रहा है। पिता के पास मात्र 4 बीघा भूमि है। उस पर भी खेती नहीं हो रही। परिवार साधारण है। पांच भाइयों में मोहन सबसे छोटा और अविवाहित है।

 

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ट्रक की टक्कर के बाद कार के परख्च्चे उड़ गए थे - फोटो : अमर उजाला
दो बहनें हैं, उनकी शादी हो चुकी है। मोहन की मां और भाई ने बताया कि 7-8 दिनों पूर्व मोहन ट्रक ड्राइवर के साथ घर आया था। 2-3 दिन रुककर फिर काम पर चला गया। वह यह कहकर गया था कि ट्रक मालिक से उसे चार हजार रुपये लेने हैं। मोहन की गिरफ्तारी के बाद परिवार बेचैन है। मां ने कहा कि उसे यह भी नहीं पता था कि किस ट्रक मालिक के यहां बेटा नौकरी करता था।

 
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ट्रक की नंबर प्लेट पर भी कालिख पोती गई थी - फोटो : अमर उजाला
ट्रक मालिक का कोई संपर्क या फोन नंबर नहीं मालूम। रामदुलारी ने कहा कि मोहन को तीन हजार रुपये ही मिलते थे। इसमें वह कुछ पैसा उसे (मां को) दे देता था। उसका बेटा कभी किसी तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल नहीं रहा। न ही वह इतनी बड़ी साजिश में शामिल हो सकता है। उधर, पैलानी थाना निरीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि उनसे मोहन के पते और परिवार के बारे में तस्दीक की गई थी।
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