kanpur triple murder
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एक साथ जलीं तीन अर्थियां, बिलख पड़े परिवार के लोग
पोस्टमार्टम के बाद तीनों शवों को जैसे ही बाहर लाया गया, चीखपुकार मच गई। बाहर जमा दोनों पक्षों के परिजनों की आंखें नम हो गईं। जैसे ही तीनों शवों से कफन हटाए गए, सभी के आंसू छलक पड़े। चंद्रप्रभा की मां बेटी के शव से लिपटकर बोलीं ‘इतनी हैवानियत से मेरी बेटी को मार डाला, जल्लाद को जरा भी तरस नहीं आया’। इसके बाद शवों को भैरव घाट ले जाया गया। शवों को मुखाग्नि डॉक्टर के बड़े भाई डॉक्टर सुनील कुमार ने दी।
जीवित होने की पूरी संभावना
सुसाइड नोट में सुशील ने जो लिखा है, उससे आशंका जताई जा रही कि खुदकुशी कर ली होगी। क्योंकि उसने लिखा है कि खुद को खत्म करने से पहले वह परिवार को इसलिए खत्म कर रहा है, जिससे उसके जाने के बाद किसी को कोई कष्ट न हो। हालांकि अभी तक उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने से संभावना है कि अभी वह जीवित है। इसलिए पुलिस की एक टीम उसके करीबी, दोस्तों व रिश्तेदारों से संपर्क कर जानकारी जुटा रही है।
डॉक्टर सुशील पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। उसकी तलाश में टीमें लगाई गई हैं। सर्विलांस की मदद से कुछ तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर तफ्तीश जारी है। - बीबीजीटीएस मूर्ति, डीसीपी पश्चिम