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दर्दनाक: तीन परिवारों की खुशियों की कब्र बना टेनरी का वेस्ट टैंक, दो मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया

Sat, 12 Nov 2022 10:09 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के जाजमऊ के गज्जूपुरवा स्थित कॉस्मो टेनरी में वेस्ट टैंक की सफाई करने उतरे तीन मजदूरों की गुरुवार शाम को जहरीली गैस से मौत हो गई। आरोप है कि फैक्टरी मालिक ने सेप्टिक टैंक की सफाई के बहाने बुलाकर तीनों को जबरन टेनरी के वेस्ट टैंक में उतार दिया। उधर, परिजनों ने फैक्टरी मालिक और ठेकेदार पर हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि तीनों के शवों पर पूरे कपड़े थे, जबकि टैंक की सफाई के दौरान कपड़े उतारकर अंदर जाते हैं। पुलिस ने फैक्टरी मालिक और उसके भाई के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। घटना के बाद से दोनों फरार हैं।

कर्नलगंज निवासी ओसामा की गज्जूपुरवा में कॉस्मो टेनरी है। टेनरी से निकलने वाला कचरा स्टोर होने से वेस्ट टैंक चोक हो गया था। इससे कम बंद हो गया था। गुरुवार शाम करीब पांच बजे ओसामा के बड़े भाई आजम ने नौबस्ता खाड़ेपुर की सेप्टिक टैंक साफ करने वाली कंपनी राजावत टैंकर्स के मालिक अजय सिंह चंदेल को फोन कर सफाई के लिए तीन कर्मचारियों को भेजने को कहा। 
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
इस पर अजय ने कानपुर देहात के गजनेर बिसलायां निवासी सुखवीर सिंह (35), साढ़ के लालपुर पड़री निवासी सत्यम यादव (26) और बिधनू निवासी सोनू वाल्मीकि (28) को भेजा। पुलिस के मुताबिक जैसे ही तीनों टैंक में उतरे, जहरीली गैस की चपेट में आने से अचेत हो गए। इस पर फैक्टरी मालिक का बड़ा भाई आजम कार से तीनों को हैलट ले गया। यहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। 
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गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
आरोप है कि तीनों की मौत की खबर सुनते ही आजम पुलिस को सूचना दिए बगैर फरार हो गया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तीनों मृतकों के परिजनों ने फैक्टरी मालिक और ठेकेदार पर हत्या का आरोप लगाकर हैलट के बाहर रोड जाम कर हंगामा किया। सूचना पर स्वरूपनगर फोर्स के साथ पहुंचे इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने परिजनों को शांत कराया। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए।

 

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जानकारी देते परिजन - फोटो : अमर उजाला
तीन परिवारों की खुशियों की कब्र बना टेनरी का वेस्ट टैंक
कानपुर के जाजमऊ के गज्जूपुरवा स्थित कॉस्मो टेनरी के वेस्ट टैंक में जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत ही नहीं हुई, बल्कि तीन परिवारों की खुशियां दफन हो गईं। कोई अपने पिता के बुढ़ापे का सहारा था, तो कोई अपने बच्चों की उम्मीदों का आसमान था। तीनों ही अपने-अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाने वाले थे, लेकिन टेनरी संचालक की लापरवाही से परिवारों की रीढ़ टूट गई। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों की ये दुहाइयां सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें डबडबा गईं।

 
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हंगामा करते लोग - फोटो : अमर उजाला
दो मासूम बेटियों के सिर से उठ गया पिता का साया 
मूलरूप से कानपुर देहात के बिसलाया गांव के रहने वाले सुखवीर छह भाइयों व दो बहनों में पांचवें नंबर के थे। सुखवीर के परिवार में पत्नी रितु, बेटी प्रिंसी (5) और नैंसी (3) है। साले विक्की ने बताया देर शाम बहनोई घर नहीं पहुंचे तो बहन ने फोन किया। फोन उठाने वाले ने खुद को एंबुलेंस का चालक बताया और कहा कि सुखवीर हैलट में हैं, उनकी हालत गंभीर है। इसके बाद घरवाले अस्पताल पहुंचे तो सुखवीर की मौत का पता चला। सुखवीर की मौत से पत्नी रितु व दो मासूम बेटियां बेसहारा हो गईं। रीतू पति के शव से लिपटकर रोती रहीं।

 
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tannery tank in kanpur - फोटो : अमर उजाला
मासूम बेटा अभी पिता को ठीक से पहचान भी नहीं पाया था
बिधनू के बिनगवां कैलाशनगर निवासी जल संस्थान में सफाई कर्मी सुंदर लाल का बेटा सोनू सोनकर दो साल से सीवर सफाई में लगे ट्रैक्टर में चालक था। भाई ने बताया के सोनू की पत्नी नंदिनी ने चार महीने पहले ही बेटे को जन्म दिया था। बच्चे ने अभी अपने पिता को ठीक से पहचाना भी नहीं होगा और उसके सिर से उनका साया उठ गया। बताया कि सोनू के घायल होने की सूचना पर वे लोग हैलट पहुंचे। इमरजेंसी के बाहर तीन शव रखे नजर आए। इनमें एक शव सोनू का भी था। सोनू पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर था। उसकी मौत से मां ज्ञानवती, पत्नी नंदिनी का रो-रोकर बुरा हाल था। एक बार बेटे को देखती फिर अपने पति के शव को। 
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tannery tank in kanpur - फोटो : अमर उजाला
तीन भाइयों में सबसे बढ़ा था सत्यम, शादी की चल रही थी बात 
सत्यम के परिवार में पिता रामऔतार, मां रामजानकी व दो भाई छोटेलाल और एमएससी प्रथम वर्ष का छात्र शिवम है। तीन बहनों की शादी हो चुकी है। शिवम ने बताया कि बड़े भाई पांच साल से अजय सिंह चंदेल के यहां काम कर रहे थे। रात में उनको फोन किया तो बंद जा रहा था। सुबह करीब सात बजे परिचितों से हादसे की जानकारी मिली तो तुरंत हैलट पहुंचे। शिवम का कहना कि घाटमपुर निवासी एक युवती से उनकी शादी की बात चल रही थी। गर्मी में शादी की तैयारी थी। इससे पहले ही परिवार की खुशियां छिन गईं। 

 
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
परिजनों का आरोप, शरीर पर थे खून के निशान
परिजनों का कहना था कि सत्यम के गले में गमछा था। वहीं सोनू और सुखबीर के शरीर पर खून के निशान थे। आरोप लगाया कि तीनों के साथ फैक्टरी मालिक और कर्मचारियों ने मारपीट की। इससे उनकी मौत हो गई। इस संबंध में थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। उधर, हत्या का आरोप लगाकर हैलट के बाहर परिजनों के हंगामे के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। एसीपी स्वरूपनगर ब्रज नारायण सिंह, एसीपी कर्नलगंज अमरनाथ यादव और एसीपी नजीराबाद संतोष सिंह भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराया।
 
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