ये कहानी है कानपुर के नौबस्ता की रहने वाली ज्योति श्रीवास्तव की। पांच साल पहले ज्योति की शादी हुई थी। सालभर बाद बेटे ने जन्म लिया तो मानों सारी खुशियां मिल गई हों। लेकिन शायद भगवान को यह मंजूर न था। कुछ माह बाद ही ज्योति की मांग एक बार फिर से सूनी हो गई। ज्योति के पति की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। लेकिन अाज वह लाखाें के लिए मिसाल बन गई हैं...
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पानी पिलाकर अंकुर ने ज्याेति का व्रत खुलवाया
पति की मौत के बाद ज्योति की सारी खुशियां बेरंग हो गई थी। व्रत, त्योहार सब बोझिल सा हो गया था। बेटा जैसे-जैसे बड़ा होता वह अपने पिता के लिए पूछता। ज्योति मान चुकी थी कि अब उसकी जिंदगी अकेले ही कटेगी। लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ कि हर कोई चौक गया।
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चांद का दिदार करती ज्याेति
दरअसल ज्योति की मायूस भरी जिंदगी में अमर उजाला ने खुशियां भर दी। बीते नवरात्रि में उसकी दूसरी शादी रावतपुर गांव के रहने वाले अंकुर से कराई। अंकुर की जिंदगी की कहानी भी कुछ ज्योति की तरह ही है। उसकी पत्नी की मौत भी सड़क हादसे में चार साल पहले हो गई थी। वह भी एक बेटे को लेकर अकेला सा था।
दूसरी शादी से दोनों बेहद खुश हैं। बुधवार को ज्योति ने चार साल बाद अंकुर के लिए करवाचौथ का व्रत रखा। अंकुर ने ज्योति को सोने की अंगूठी और साड़ी भेंट की। दोनों के बच्चे भी बेहद खुश हैं। अंकुर और ज्योति ने इसके लिए अमर उजाला को धन्यवाद बोला। कहा उन्होंने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि एक बार फिर से उनकी दुनिया बस जाएगी।