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जिस दिन संजीत बोला... पुलिस को सब बता दूंगा, उसी रात उतार दिया मौत के घाट

Sat, 25 Jul 2020 06:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

  • अपहरण हत्याकांड में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल
  • आरोपियों ने कबूली वारदात, 26 जून की रात संजीत को उतारा था मौत के घाट
  • संजीत ने भागने का किया था प्रयास, उसके बाद ही वारदात को दिया अंजाम
  • मुख्य आरोपी रिटायर्ड ओईएफ कर्मी का है लड़का, बीएससी नर्सिंग है पास
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
संजीत अपहरण हत्याकांड में आरोपियों ने बताया कि 26 जून की रात संजीत ने भागने का प्रयास किया। उसने धमकी भी दी कि जब वो छूटेगा तो पुलिस को पूरा कांड बता देगा। फंसने के डर से बदमाशों ने उसी दिन गला घोंटकर संजीत को मार दिया। शव प्लास्टिक की बोरी में भरा और तड़के कार से शव को पांडु नदी में ले जाकर फेंक दिया। पुलिस ने पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया है। गिरफ्तार प्रीति की मां सिम्मी की तलाश जारी है।
 
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संजीत - फोटो : अमर उजाला
आईजी मोहित अग्रवाल के मुताबिक धनवंतरि अस्पताल में संजीत यादव लैब टेक्नीशियन था। वहां पर पहले दबौली निवासी ईशू उर्फ ज्ञानेंद्र यादव और कुलदीप भी काम करते थे। छह महीने पहले इन दोनों ने नौकरी छोड़ दी थी। कुलदीप स्वरूपनगर में डॉक्टर एसके कटियार के यहां सैंपल कलेक्शन का काम करने लगा था और ईशू हैलट में संविदा पर काम करता था। ईशू ने कुलदीप के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची। इसमें कुलदीप ने इसमें अपने साथी रामजी, नीलू सिंह और प्रीति को शामिल किया।

 
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संजीत के घर संजय - फोटो : अमर उजाला
22 जून की शाम 7:47 बजे संजीत को कॉल कर बताया गया कि ईशू का जन्मदिन है, पार्टी करने चलते हैं। संजीत राजी हो गया। संजीत के घर से कुछ ही दूरी पर ईशू अपनी फोर्ड फीगो कार लेकर खड़ा था। संजीत उसमें बैठ गया। अन्य आरोपी भी कार में मौजूद थे। उन्होंने कार में ही संजीत को शराब पिलाई। उसी में नशीला पदार्थ मिला दिया। बेहोश होने पर रतनलाल नगर स्थित मकान पर उसको ले गए और हाथ-पैर बांधकर कमरे में उसे डाल दिया। 26 तारीख की रात को संजीत ने भागने का प्रयास किया और गेट तक पहुंच गया। नीलू ने उसे दबोच लिया। उसके बाद सभी इकट्ठा हुए और रात में संजीत की हत्या कर दी। तड़के शव को ठिकाने लगा।
 

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निलंबित अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया कि ईशू और प्रीति पति-पत्नी बनकर ब्रोकर रविंद्र कुमार तिवारी से मिले थे। उसी ने 15 जून को रतनलाल नगर में 15 हजार रुपये प्रति किराये पर मकान दिलाया था। मकान मालिक को ईशू ने बताया था कि वो बाहर का रहने वाला है। यहां हैलट में काम करता है।
 
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अभियुक्त... - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक संजीत का अपहरण करने के बाद अपहर्ता समझ नहीं पा रहे थे कि फिरौती कैसे मांगे। इधर संजीत को वो कंट्रोल नहीं कर पा रहे थे। इसलिए उसको नशे के इंजेक्शन देकर बेहोश कर रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले ये इरादा था कि पैसे लेने के बाद संजीत को मार देंगे। मगर वो भागने का प्रयास करने लगा। इसलिए उसे उसी रात मार दिया। यही वजह है कि जब परिजन फोन पर उससे बोल रहे थे कि संजीत से बात करवा दो तो वो बात नहीं करवा रहे थे।
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