शनि अमावस्या 18 नवंबर को है। इस बार ये अमावस्या विशेष संयोग लेकर आ रही है। इस दिन विशाला नक्षत्र में शोभन योग है। यह योग यदि शनिवार के दिन हो तो इससे उस दिन का, तिथि और नक्षत्र का प्रभाव कई गुना अधिक बढ़ जाता है।
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शनि अमावस्या
वैदिक आचार्य पंडित पवन शुक्ला ने बताया कि इसके पहले शनि अमावस्या पर शोभन योग साल 1987 में बना था। कहा कि वेदों के अनुसार इस दिन पूजा-पाठ करने से आपको शनि की विशेष कृपा मिलेगी।
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शनि अमावस्या
ऐसे करें पूजन : शनि प्रतिमा पर सरसों का तेल चढ़ाएं और दीपक लगाएं। एक काले कपड़े में काले उड़द, अनाज, कोयला, कील लपेटकर नदी में बहा दें।
शनि मंदिर पर जाकर शनि स्त्रोत का पाठ करें। सुबह पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और तिल के तेल का दीपक लगाएं। रोगियों को भोजन करवाएं व तेल, जूते-चप्पल, कंबल दान करें।