तब्लीगी जमात को मस्जिद से मोहल्लों में गश्त कराने और लोगों से मिलाने की जिम्मेदारी निभाने वाले क्षेेत्रीय सदस्य जिन्हें रहबर कहा जाता है, अब वे ही बताएंगे कि कोरोना का संक्रमण कहां-कहां तक गया है। जमात के जो सदस्य कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
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कई इलाकों को पुलिस ने सील कर दिया है
- फोटो : amar ujala
वे शहर के तीन बड़े इलाके चमनगंज, कर्नलगंज, मछरिया में घूमे थे। इनके अलावा वे बाबूपुरवा में भी गए थे। संक्रमित जमातियों के संपर्क में आने वालों के संबंध में शहरकाजी भी पता कर रह हैं। इसके साथ ही उन रहबरों से भी पता किया जा रहा है कि संक्रमित लोगों ने किस-किस से हाथ मिलाया और बात की।
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मस्जिदों से जमात को मोहल्लों में ले जाने वालों की तलाश
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उन मस्जिदों के पेश इमाम, मोअज्जिन और नमाज पढ़ने आने वालों से भी कहा जा रहा है कि अस्पतालों में जाकर जांच करा लें। अगर जुकाम-बुखार, खांसी और सांस फूलने जैसा कोई लक्षण उभरता है तो फौरन सीएमओ कंट्रोलरूम से संपर्क करें या फिर खुद अस्पताल चले जाएं।
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जमात प्रभावित क्षेत्रों के घर-घर का किया जाएगा सर्वे
- फोटो : amar ujala
स्वास्थ्य विभाग के कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. सुबोध का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र के हर घर के सर्वे की रणनीति बनाई गई है। जो संदिग्ध होगा उसकी जांच कराई जा रही है।
रहबर ही बताएंगे कि कहां-कहां तक संक्रमण ले गए जमाती
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शहरकाजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस हादी का कहना है कि सबसे अपील की जा रही है कि कोई ये महामारी छिपाए नहीं, जांच करा ले जो सबके हक में है। अगर संक्रमण निकला तो इलाज से ठीक हो जाएगा, अगर कोई संक्रमण छिपाए रहेगा तो उसके पूरेे परिवार को खतरा रहेगा।