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जानें, इस परिवार के लिए ‘3 तारीख’ आखिर क्यों है खतरनाक

Thu, 04 May 2017 09:03 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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प्रमोद महाजन
वह नेता जो कभी देश की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा का ‘चाणक्य’ कहा जाता था। भाई की गोली से घायल होने के बाद उसे आखिर 3 मई 2006 को देह त्याग करना पड़ गया। आज उसी नेता की पुण्यतिथि है। हम बात कर रहे हैं बीजेपी के दिग्गज नेताओं में शामिल रहे प्रमोद महाजन की। महाराष्ट्र के साथ ही देश की राजनीति में भी एक अहम जगह रखने वाला मुंडे और महाजन परिवार को पिछले दस सालों से कई हादसों का शिकार होना पड़ा है। गौर करने वाली बात है कि इस परिवार पर महीने की तीसरी तारीख हमेशा से भारी पड़ी है।   
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प्रमोद महाजन
भाई प्रवीण महाजन द्वारा गोली मारे जाने के बाद 3 मई 2006 को प्रमोद महाजन की मौत हो गई थी। इसके बाद तीन तारीख को ही प्रवीण महाजन की मौत हुई।  प्रमोद महाजन को भाई प्रवीण महाजन ने 22 अप्रैल को गोली मारी थी। 3 मई को अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। 
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प्रमोद महाजन
इसी के एक महीने के बाद 3 जून 2006 को प्रमोद महाजन के पर्सनल सेक्रेटरी रहे विवेक मोइत्रा मृत पाए गए थे। उनके साथ प्रमोद महाजन के बेटे राहुल महाजन भी कमरे में बेहोश मिले थे।  इसके बाद प्रमोद महाजन की हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे भाई प्रवीण महाजन की 3 मार्च 2010 में मौत हो गई थी। 

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प्रमोद महाजन
प्रमोद महाजन के बहनोई गोपिनाथ मुंडे की 3 जून 2014 को एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे महाराष्ट्र के अंबाजोगाई इलाके में स्थित स्वामी रामानंद तीर्थ कॉलेज में साथ पढ़ते थे।
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डेमो पिक
यहीं दोनों में दोस्ती हुई, बाद में प्रमोद की प्रेरणा से गोपीनाथ भी राजनीति में आए। प्रमोद की बहन प्रदन्या की शादी गोपीनाथ मुंडे से हुई। प्रमोद महाजन का जन्म 30 अक्टूबर 1949 को तेलंगाना के महबूब नगर इलाके में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।  प्रमोद संघ के मराठी अखबार तरुण भारत से बतौर सब एडिटर 1970 में जुड़े थे। 
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प्रमोद महाजन
1974 में प्रमोद ने स्कूल टीचर की नौकरी छोड़कर पूरी तरह से संघ के प्रचारक बने।  इमरजेंसी के दौरान प्रमोद को नासिक जेल में डाल दिया गया। जहां से वह 1977 में रिहा हुए। बीजेपी के गठन के बाद संघ ने उन्हें पार्टी के काम के लिए भेज दिया। वह महाराष्ट्र में बीजेपी के महासचिव बनाए गए। तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी की सोमनाथ से अयोध्या रथयात्रा में महाजान का अहम रोल था।
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