मोहल्ले के अनूप जैन ने बताया कि पीयूष का किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं रहा। मंदिर में जरूर एक-दो बार मुलाकात हुई होगी। कार्यक्रमों में भी वह ज्यादा नहीं नजर आता था। उसके बारे में लोग सिर्फ यही जानते थे कि वह इत्र कारोबारी है।
काली कमाई के कुबेर इत्र कारोबारी पीयूष जैन 14 साल से आनंदपुरी मोहल्ले में रह रहा है। इसके बाद भी आसपास के लोग उसे ढंग से नहीं जानते। मोहल्ले वालों के मुताबिक, वह ज्यादा मिलनसार नहीं रहा। यहां तक कि बुजुर्गों को भी उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
22 दिसंबर को डीजीजीआई की कार्रवाई के बाद सुर्खियों में आए पीयूष ने वर्ष-2007 में आनंदपुरी में मकान खरीदा था। इसके इसी मकान से 177.45 करोड़ की नकदी बरामद हुई है। इसके बाद से आनंदपुरी हॉट स्पॉट बना है। यहां पर जैन समाज के 40 से ज्यादा परिवार रहते हैं।
आनंदपुरी का जैन मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। मोहल्ले के रहने वाले कारोबारी मनोज बंका ने बताया कि उनका मकान पीयूष के ठीक सामने पार्क की दूसरी तरफ है। पीयूष से कभी-कभार ही दुआसलाम होती थी। उसके बारे में बहुत अधिक जानकारी भी नहीं थी।
विज्ञापन
2 of 5
इत्र व्यापारी पीयूष जैन के ठिकानों पर छापेमारी
- फोटो : amar ujala
युवा वर्ग तो जानता तक नहीं। वह यहां पर रहता भी कम था। वहीं मोहल्ले के अनूप जैन ने बताया कि पीयूष का किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं रहा। मंदिर में जरूर एक-दो बार मुलाकात हुई होगी। कार्यक्रमों में भी वह ज्यादा नहीं नजर आता था। उसके बारे में लोग सिर्फ यही जानते थे कि वह इत्र कारोबारी है।
विज्ञापन
3 of 5
Tax raid
- फोटो : amar ujala
पम्पी जैन से नहीं मिला कोई संबंध
डीजीजीआई की अब तक की जांच में पीयूष जैन का इत्र कारोबारी और सपा एमएलसी पुष्पराज जैन उर्फ पम्पी से कोई संबंध सामने नहीं आया है। दोनों एक ही कारोबार में हैं जरूर, लेकिन अलग-अलग काम करते हैं। पम्पी जैन का कारोबार देश के अलग-अलग हिस्सों में फैला हुआ है।
4 of 5
Tax Raid: पीयूष जैन
- फोटो : अमर उजाला
नकदी सौ करोड़ की डील की तो नहीं
सूत्रों का दावा है कि पीयूष जैन एक बड़ी पान मसाला कंपनी को कंपाउंड की सप्लाई करता था। इसका कंपाउंड उपयोग में लाने के बाद कंपनी का कारोबार नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया। इस बीच, पान मसाला कंपनी के मालिक से मनमाने रेट वसूलने लगा। इसके बाद दोनों के बीच डील हुई।
Tax raid: पीयूष जैन को भेजा गया जेल
- फोटो : अमर उजाला
इसमें पीयूष ने पान मसाला में उपयोग में लाए जाने वाले कंपाउंड का फार्मूला सौ करोड़ रुपये लेकर बेचा। संभावना है कि 177 करोड़ की नकदी उसी रकम का बड़ा हिस्सा हो। सूत्रों ने बताया कि फार्मूला मिलने के बाद कारोबारी ने पीयूष से खुन्नस मान ली थी। इसी के चलते उसे फंसाने का खेल रचा गया। इसमें कुछ अफसर भी शामिल हो सकते हैं।