कानपुर में सुपाड़ी कारोबारी पारस गुप्ता हत्याकांड की जांच में लापरवाही बरत रही एसआईटी पर पुलिस कमिश्नर सख्त हुए हैं। एसआईटी के अफसरों के साथ बैठकर फटकार लगाते हुए जांच में तेजी के निर्देश दिए हैं। डीसीपी पूर्वी को निर्देशित किया है कि वह केस के विवेचक को तत्काल बदलें।
सीपी का कहना है कि मामले विवेचना तय समय में खत्म करें, जिससे साक्ष्यों के आधार पर पूरी घटना स्पष्ट हो सके। हरबंश मोहाल निवासी पारस गुप्ता 25 मई की रात लापता हुए थे। दूसरे दिन सेंट्रल स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक किनारे उनका शव पड़ा मिला था। जीआरपी ने लावारिस में शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतेयष्टि कर दी थी।