कानपुर में अमित की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। अमित के पास से डेढ़ पेज का नोट बरामद हुआ है। अमित के बैग से बरामद सुसाइड नोट से ही सुबूत और सुराग मिलने की आशंका है। पुलिस उसकी गहनता से पड़ताल कर रही है। कुछ विशेष तथ्य जो उसमें लिखे गए हैं, उससे स्पष्ट हो रहा है कि नोट अमित ने नहीं लिखा। कानून के किसी जानकार ने लिखा है। हत्या की वारदात आत्महत्या लगे इसलिए उसको अमित के बैग में रखा। संभावना है कि इसी नोट की मदद से वारदात का राजफाश होगा। नोट में लिखे गए कुछ खास तथ्य जिन पर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
2 of 7
युवक को जिंदा जलाने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
बिंदु नंबर एक: नोट में सबसे ऊपर लिखा है कि मैं अमित कुमार पुत्र अशोक कुमार जो मु. अ. सं. 1066/2021 में मुझे व मेरी सहयोगी विमल पासवान को जबरदस्ती पुलिस ने संतोष मिश्रा, सावित्री मिश्रा, अमन मिश्रा से पैसे खाकर हम दोनों को आरोपी बनाया था। डीसीपी साउथ का कहना है कि जिस तरह से मु. अ. सं. लिखा गया है यह पुलिसिया भाषा है। पुलिस व वकील इसी तरह लिखते हैं।
विज्ञापन
3 of 7
Amit murder case
- फोटो : अमर उजाला
बिंदु नंबर दो: नोट के अंत में लिखा है कि मेरी मौत के जिम्मेदार संतोष मिश्रा, सावित्री मिश्रा, अमन मिश्रा, आनंद तिवारी हैं। ये सभी धारा 306, 120बी, 192, 364, 201, दफा 34, एससीएसटी एक्ट के तहत दोषी हैं। डीसीपी का कहना है कि एक-एक धारा का विवरण लिखना कोई कानून के जानकार कर सकता है। अमूमन इस तरह सुसाइड नोट में नहीं लिखा जाता। ये तथ्य बेहद अहम है।
4 of 7
Amit murder case
- फोटो : अमर उजाला
बिंदु नंबर तीन: नोट में ज्योति की हत्या का आरोप उसी के परिजनों पर लगाया गया। खुद की मौत का जिम्मेदार भी उन्हीं परिजनों को बताया है। इसमें विमल पासवान की कोई भूमिका नहीं लिखी गई। यह लिखा गया कि वह निर्दोष है। इस तथ्य से भी पुलिस के मन में कई सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
5 of 7
Amit murder case
- फोटो : अमर उजाला
दोनों साजिश में कोई एक तो नहीं
अमित के परिजनों ने ज्योति के परिवार वालों पर हत्या का केस दर्ज कराया है। पुलिस तफ्तीश कर रही है। ज्योति व अमित को बिल्कुल एक तरह से मारा गया। ऐसे में यह भी आशंका है कि कहीं ऐसा तो नहीं कोई तीसरा इसमें शामिल है। जो साजिश के तहत वारदात को अंजाम दे रहा है।
विज्ञापन
6 of 7
Amit murder case
- फोटो : अमर उजाला
जेल से जमानत पर छूटा था मृतक
आपको बता दें कि कानपुर में जेल से जमानत पर छूटे एक युवक का अधजला शव शनिवार को सचेंडी क्षेत्र की झाड़ियों में पड़ा मिला था।
यह वही शख्स था जिसकी महिला मित्र का शव इसी तरह जला हुआ चकेरी के रेलवे क्रॉसिंग के पास 25 अक्तूबर 2021 को मिला था। इसी मामले में पुलिस ने उसे और उसकी एक महिला मित्र को जेल भेजा था। शिवकटरा चकेरी निवासी अमित कुमार (28) आरओ लगाने का काम करता था।