फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवरात्र में अष्टमी-नवमी का एक साथ संयोग, कलश स्थापना करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

Tue, 13 Mar 2018 05:19 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 6
नवरात्र विशेष
इस बार वासंतिक (चैत्र) नवरात्र मां के भक्तों के लिए खासे फलदायी होंगे। इस बार भी अष्टमी व नवमी का एक साथ संयोग बना है। लगातार चौथे वर्ष नवरात्र आठ दिन के होंगे। नवरात्र के इन आठ दिनों तक भक्त नियम, संयम से मां का पूजा अर्चना करके अपने जीवन को कृतार्थ करेंगे। 
 
विज्ञापन

2 of 6
नवरात्र विशेष
चैत्र नवरात्र का शुभारंभ 18 मार्च से होगा। इस बार भी चैत्र नवरात्रों में पिछले चार वर्ष की तरह ही अष्टमी व नवमी एक ही दिन पड़ रही है। भक्त एक ओर अष्टमी पर मां दुर्गा की पूजा आराधना करेंगे। वहीं दूसरी तरफ दोपहर 12 बजे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाएंगे। पं. रघुनाथ प्रसाद शास्त्री ने बताया कि आठ दिवसीय चैत्र नवरात्र की शुरुआत प्रतिपदा सर्वार्थ सिद्धि योग में होगी। वृषभ लग्न एक स्थिर लग्न है इसलिए वृषभ लग्न में कलश स्थापना शुभ रहेगा। बताया कि वृषभ लग्न 18 मार्च की सुबह 9.30 बजे से 11.15 बजे तक ही रहेगा। अष्टमी व नवमी एक ही दिन 25 मार्च को होगी। समापन 26 मार्च को होगा। 
 
विज्ञापन

इन वस्तुओं से करें कलश स्थापना

3 of 6
नवरात्र विशेष
कलश स्थापना के लिए मिट्टी, सोना, चांदी, तांबा या पीतल के बर्तन शुभ होंगे। कलश में जौ बोने के लिए मिट्टा का पात्र और शुद्ध मिट्टी हो। कलश में गंगाजल भरना अति उत्तम होगा। इसके बाद मोली, इत्र, साबुत सुपारी, दूर्वा, पंचरत्न, अशोक या आम के पत्ते, फूल माला आदि ने कलश की स्थापना करें। 
 

कन्या पूजन से बरसेगी मां की कृपा

4 of 6
नवरात्र विशेष
अष्टमी व नवमी के दिन कन्या भोज करने वाले भक्तों पर मां की कृपा जरूर बरसती है। आचार्य के मुताबिक, भक्तों को कन्या पूजन भी विधिविधान से ही करना चाहिए। नौ कुंवारी कन्याओं को आमंत्रित करें। उनके घर में प्रवेश करते ही पहले पांव धोएं और फिर आसनी पर स्थान दें। हाथ में मौली बांधे और मांथे पर बिंदी लगाकर कन्याओं की थाली में आटे से बने दीपक में देशी घी का दीप जलाएं। फिर थाली में हलवा-पूरी व चना परोसे। अंत में कन्याओं को दक्षिणा देकर सम्मान के साथ विदा करें। इस तरह से कन्या भोज व पूजन करने से भक्त की हर मनोकामना पूरी होगी। 
 
विज्ञापन

मां को प्रसन्न करने के लिए यह करें भक्त

5 of 6
नवरात्र विशेष
जगतजननी मां दुर्गा को लाल रंग खासा प्रिय है। मां को प्रसन्न करने के लिए भक्त लाल रंग की चुनरी व अन्य वस्तुओं में भी लाल रंग का प्रयोग करें। सुबह शाम आरती करने के साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। ब्रह्मचर्य का पालन करें। लहसुन, प्याज व नमक का सेवन न करें। व्रत रखने वाले भक्त को जमीन पर सोना उत्तम होगा। अष्टमी व नवमी के दिन विधि विधान से कंजक पूजन करना लाभकारी होगा।  
 
विज्ञापन
विज्ञापन

नवरात्र में दान करने से बढ़ती सुख समृद्धि 

6 of 6
नवरात्र विशेष
18 मार्च पहला नवरात्र- घी का भोग लगाएं और दान करें, बीमारी दूर होगी। 
19 मार्च दूसरा नवरात्र- शक्कर का भोग लगाएं और उसका दान करें, आयु लंबी होगी। 
20 मार्च तीसरा नवरात्र- दूध का भोग लगाएं और दान करें, दुखों से मुक्ति मिलेगी। 
21 मार्च चौथा नवरात्र- माल पुए का भोग लगाकर दान करें, कष्टों से निदान मिलेगा। 
22 मार्च पांचवा व 23 मार्च छठवें नवरात्र- केले व शहद का भोग लगाकर दान करें, सुख व धन मिलेगा। 
24 मार्च सातवां नवरात्र- गुड़ की चीजों का भोग लगाकर दान करें, गरीबी दूर होगी। 
25 मार्च आठवां/नवां नवरात्र- नारियल व अनाजों का भोग लगाएं और दान करें, सुख-समृद्धि बढ़ेगी। 
26 मार्च-समापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें