मुर्तजा और शंकर की कहानी
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दोनों परिवारों में दिल के रिश्ते मजबूत रहे
करीब 25 वर्ष पूर्व शंकर लाल भी चल बसे। लेकिन दोनों परिवारों में दिल के रिश्ते मजबूत बने रहे। शंकर के बेटों अनिल बाथम, मनोज, सुनील, निरोज, बेटियों अनीता, ममता, पदमश्री ने शायरा बानो को सिर आंखों पर बैठाया। घर की सभी बहुएं उनका बेहद ख्याल रखती थीं। रविवार रात जब शायरा बानो का इंतकाल हुआ तो बहुएं व बेटियां दहाड़ें मारकर रो रही थीं।