सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने सरकारी दफ्तरों में अंग्रेजी में कामकाज बंद करने की घोषणा फूलबाग में 25 मार्च, वर्ष 1990 को की थी। तब वह मुख्यमंत्री थे और डॉ. राम मनोहर लोहिया स्मारक समिति के बैनर तले फूलबाग में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आए थे। समिति के संस्थापक समाजवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेवी रेवा शंकर त्रिवेदी थे। समिति के महामंत्री अंबर त्रिवेदी ने बताया कि डॉ. राममनोहर लोहिया सरकारी दफ्तरों में कामकाज अंग्रेजी में किए जाने का विरोध किया करते थे। उनका मानना था कि सरकार के नोटिस, सरकारी आदेश बाकी सभी कामकाज हिंदी में हों। तभी नेता जी ने कार्यक्रम में कहा कि अब सरकारी दफ्तरों में अंग्रेजी में काम नहीं होगा। इसके बाद शासनादेश जारी कर दिया गया। बाद में समिति ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर धन्यवाद ज्ञापित किया था।
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मुलायम सिंह यादव की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली प्रेस ब्रीफिंग में की थी घोषणा
सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने आवश्यक वस्तु अधिनियम धारा 3/7 और चुंगी समाप्त करने का वादा 25 जुलाई वर्ष 1993 लाजपत भवन की सभा में किया था। यह व्यापारियों की सभा थी।
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मुलायम सिंह यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
व्यापारियों ने समस्या बताई तो मुलायम बोले कि किसी के पास टेप रिकॉर्डर हो तो उनका वादा टेप कर लें सरकार में आने के बाद वह सबसे पहले यही कार्य करेंगे।
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मुलायम सिंह यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : Instagram
पूर्व मंत्री और व्यापारी नेता सुरेंद्र मोहन अग्रवाल ने बताया कि जब वह मुख्यमंत्री बने तो पहली प्रेस ब्रीफिंग में धारा 3/7 चुंगी को खत्म कर दिया। यह बहुत अहम फैसला था। कानपुर से सपा व्यापार सभा ने फिर पूरे प्रदेश में अभियान शुरू किया था।
वह व्यापारियों की समस्याओं को लेकर बहुत संवेदनशील थे। सुरेंद्र मोहन अग्रवाल को उन्होंने व्यापारियों की समस्याएं जानने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इस पर कानपुर से प्रदेश भर में अभियान शुरू किया गया। इससे सपा की व्यापारी वर्ग में पैठ बननी शुरू हुई थी।