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एक दिन के बच्चे को सीने से भी न लगा पाई मां, एंबुलेंस वाले ने प्रसूता के उतरते ही हटाई ऑक्सीजन, मौत

Fri, 17 Apr 2020 01:03 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर का हैलट अस्पताल - फोटो : amar ujala
कानपुर के हैलट में समय से इलाज न मिलने से एक प्रसूता की मौत हो गई। मां जन्म के बाद अपने बच्चे को गले भी नहीं लगा पाई और उसने तड़पकर दम तोड़ दिया। परिजन महिला को लेकर हैलट में फ्लू ओपीडी और कोविड अस्पताल के बीच दौड़ते रहे पर किसी डॉक्टर ने उनपर रहम नहीं खाया। 

 
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हैलट में संक्रमण विभाग - फोटो : amar ujala
ऐसे वक्त में जब कोरोना की वजह से पूरे विश्व में मेडिकल इमरजेंसी है, अस्पताल वाले जरा सी भी इंसानियत नहीं दिखा रहे हैं। गुरुवार को एक नर्सिंगहोम नेे प्रसूता से 15 हजार रुपये वसूलकर गंभीर होने पर हैलट रेफर कर दिया। जिस एंबुलेंस से भेजा गया, उसके चालक ने भी मरीज के उतरते ही ऑक्सीजन हटा ली।

 
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हैलट भटके प्रसूता के परिजन - फोटो : amar ujala
हैलट में फ्लू ओपीडी से कोविड अस्पताल और फिर इमरजेंसी पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वह अपने एक दिन के बच्चे को सीने से भी न लगा सकी। नंदपुर, कन्नौज के रहने वाले नजमुद्दीन की पत्नी रुखसार (28) को बुधवार को ग्वालटोली के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया।

 

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हैलट में तैनात की गई फोर्स - फोटो : amar ujala
नर्सिंगहोम वालों ने 18 हजार रुपये जमा करने को कहा तो परिजनों ने 15 हजार रुपये जमा कर दिए। ऑपरेशन से बच्चा हुआ। गुरुवार सुबह रुखसार की तबीयत बिगड़ गई। उसके ससुर नसरुद्दीन नेे बताया कि रुखसार के मुंह से फेना आने लगा। वह नर्सों और डाक्टर को ढूंढते रहे। कुछ देर बाद एक डॉक्टर आया और बोला कि आईसीयू में भर्ती करना पड़ेगा।

 
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कानपुर के हैलट अस्पताल का नजारा - फोटो : amar ujala
नर्सिंगहोम में आईसीयू नहीं है। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर हैलट भेज दिया। हैलट में उसे पहले इमरजेंसी से फ्लू ओपीडी और फिर कोविड अस्पताल भेजा गया। आखिर में उसे इमरजेंसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजन शव लेकर घर चले गए। बच्चे की हालत ठीक बताई जा रही है।
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