कानपुर एसआईटी ने होटल कृष्णा पैलेस के मालिक के भी बयान दर्ज किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, उसने बताया कि उस रात पुलिस जबरन होटल में घुसी थी। चेकिंग की बात कहकर सीधे मनीष के कमरे में चली गई। इसके कुछ देर बाद ही यह घटना हुई। होटल मालिक ने पुलिसकर्मियों पर वसूली का भी आरोप लगाया। एसआईटी ने मनीष के दोनों दोस्तों के मोबाइल नंबर की सीडीआर भी निकलवाई है। इससे वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर पुष्टि होगी कि वारदात के वक्त मनीष और उनके दोस्त एक ही जगह मौजूद थे। आरोपी पुलिसकर्मियों की लोकेशन भी जुटाई है, जो होटल में ही मिली। मनीष के दोस्तों के बयान बेहद अहम हैं। इस आधार पर ही केस की धाराएं तय होंगी।
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मृतक व्यापारी मनीष गुप्ता व मानसी अस्पताल के बाहर मौजूद पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
डॉक्टर से नहीं हो पाई पूछताछ
पुलिस जिस समय मनीष को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची थी, उस दौरान इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के तौर पर डॉ. अशोक यादव की ड्यूटी थी। वह रविवार को अपने गांव गए थे, इसलिए एसआईटी उनसे पूछताछ नहीं कर सकी। टीम उनसे मनीष की हालत के बारे में जानकारी लेना चाहती थी।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड के मामले में जांच करती एसआईटी।
- फोटो : अमर उजाला।
पंचनामा भरने वाले पुलिसकर्मी से जानकारी ली
एसआईटी ने सर्किट हाउस में ही रविवार सुबह पंचनामा भरने वाले दरोगा समेत दो पुलिसकर्मियों को बुलाया। उनसे अलग से शरीर पर चोट के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा उनसे कई अन्य सवाल भी किए।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
सर्विलांस से आरोपियों की लोकेशन हासिल करने की कोशिश
सर्विलांस की मदद से इंस्पेक्टर जयनारायण सिंह की लोकेशन ट्रैस करने की कोशिश की जा रही है। मूलरूप से अमेठी के रहने वाले जयनारायण का लखनऊ के चिनहट में भी मकान है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ के मकान के साथ ही अमेठी के घर पर भी टीम ने जेएन सिंह की तलाश की। बताया जा रहा है कि लखनऊ स्थित घर पर कोई नहीं मिला।
अमेठी के मुसाफिरखाना कोतवाली के अढ़नपुर गांव स्थित पैतृक घर पर मिले परिजनों से टीम ने जेएन सिंह के बारे में पूछताछ की। घरवालों ने बताया कि वे अभी तक घर नहीं आए हैं। उनसे आखिरी बार बात कब हुई है? इसके बारे में भी पुलिस वालों ने जानकारी ली और कुछ नंबर भी जुटाए। अमेठी गई पुलिस टीम के साथ मुसाफिरखाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक परशुराम ओझा भी थे।