इटावा जिले में बढ़पुरा इलाके के गड़िया गुलाब गांव में रविवार तड़के एक पेड़ की डाल से प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों ने सुबह युवक-युवती का शव लटका देखकर परिजनों व पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने दोनों शवों को फंदे से उतारकर परिजनों से पूछताछ की। ग्रामीणों में चर्चा है कि दोनों की जाति अलग-अलग थी। इस कारण शादी न हो पाने की आशंका से परेशान होकर दोनों ने यह कदम उठाया है।
गांव निवासी गया प्रसाद दिवाकर के बेटे पताल सिंह उर्फ छिंगू (20) व निर्भय सिंह भदौरिया की बेटी शिवानी (18) के बीच कुछ दिनों से प्रेम प्रसंग था। शनिवार रात शिवानी मां गुलशन देवी के साथ लेटी थी। पताल अपने घर में सोया था। दोनों देर रात दबे पांव अपने-अपने घर से ऐसे निकले कि परिजनों को आहट तक नहीं हुई।
प्रेमी युगल घर के पास स्थित एक खेत पर लगे नीम के पेड़ के पास मिला। कुछ देर बातें करने के बाद दोनों अपनी-अपनी चप्पलें उतारकर नीम के पेड़ पर चढ़ गए। नीम की पेड़ की एक ही डाल पर शिवानी ने दुपट्टे व पताल सिंह ने रस्सी से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।
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मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
रविवार सुबह करीब चार बजे गुलशन देेवी की आंख खुली। शिवानी को पास न देख उसकी घर में तलाश की। उसके न मिलने पर निर्भय को जानकारी दी। वह बेटी को खोज ही रहे थे कि एक ग्रामीण ने उनको शिवानी व पताल सिंह का शव पेड़ से लटके होने की जानकारी दी। दोनों के परिजन मौके पर पहुंचे।
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प्रेमी-युगल ने की आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
सूचना पर एसपी सिटी प्रशांत कुमार, सीओ जसवंतनगर राजीव प्रताप सिंह, बढ़पुरा थाने के पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों के परिजनों से अलग-अलग पूछताछ की। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल के आसपास पड़ताल की। सीओ जसवंतनगर राजीव प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग का लग रहा है। दोनों की जाति समान नहीं होने पर आत्महत्या की बात कही जा रही है। मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर मामला स्पष्ट हो सकेगा।
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मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
गांव में दो थानों का फोर्स तैनात
पोस्टमार्टम के बाद युवक-युवती के शव गांव पहुंचे। दोनों परिवारों के परिजनों में एक-दूसरे के प्रति गुस्सा था। दोनों पक्ष एक-दूसरे को दोषी ठहरा रहे हैं। सीओ जसवंतनगर ने बवाल की आशंका पर गांव में बढ़पुरा व पछायगांव थाने की फोर्स तैनात की है।
सूरत में गार्ड की नौकरी करता था पताल
पताल के भाई बृजेश ने बताया कि वह लोग चार भाई थे। पताल तीसरे नंबर का था। वह सूरत की एक कंपनी में गार्ड की नौकरी करता था और करीब 15 दिन पहले ही गांव आया था। इधर, निर्भय सिंह ने बताया कि पांच बेटियों में शिवानी चौथे नंबर की थी। उसने सिर्फ हाईस्कूल तक पढ़ाई की थी। दोनों के परिजनों का कहना है कि शिवानी व पताल के बीच दोस्ती कैसे हुई, इसकी जानकारी नहीं है।