इस मकर संक्रांति पर आपको सावधान रहने की जरूरत है। सभी 12 संक्रांतियों में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तो यह सबसे खास संक्रांति बन जाती है। सूर्य का मकर राशि में विचरण करना सबसे शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। साल 2019 की मकर संक्रांति में सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे जिसमें सूर्य के शत्रु केतु पहले ही मकर राशि में बैठे हैं। ऐसे में मकर संक्रान्ति का सभी 12 राशियों पर कैसा रहेगा असर आइए जानते हैं। इस मकर संक्रांति में भूलकर भी न करें ये काम....
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1. मकर संक्रान्ति के दिन आपको किसी भी प्रकार का नशा नहीं करना चाहिए। शराब, सिगरेट आदि जैसे सेवन से बचना चाहिए, नशा करने से आपका जीवन दुर्भाग्य की ओर जाता हैं और इतना ही नहीं यह सब करने से आपका शरीर खराब हो सकता हैं।
2. इस दिन हम सभी को सादा भोजन करना चाहिए, इस दिन हमें लहसुन, प्याज और मांसाहारी भोजन नहीं करना चाहिए। इस दिन तिल, गुड़, मूंग दाल की खीचड़ी इत्यादि का सेवन करना चाहिए।
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3. मकर संक्रान्ति के दिन अगर आपके व्दार पर कोई बाबा, बिखारी या कोई बुजुर्ग आये तो उसे इस दिन खाली हाथ न जाने दें, इस दिन किया गया दान महा-दान कहलाता हैं।
4. इस दिन हर किसी को स्नान करना चाहिए, मान्यता है कि इस दिन गंगा का स्नान या किसी नदी में जाकर स्नान करते हैं तो इसका पुण्य हजार गुना बढ़ जाता हैं।
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ऐसे दान से नहीं मिलता कोई भी पुण्य
1. दान सदैव अपनी पवित्र कमाई का होना चाहिए। जो धन या पदार्थ किसी को सताकर, किसी को दुख देकर या किसी निर्बल की आंखों में आंसू लाकर अर्जित किया गया है और बाद में उसका दान किया गया है तो वो फलदायी नहीं होता।
2. ऐसा कहा गया हैं कि दान और ज्ञान सदैव सत्पात्र को ही देना चाहिए। सत्पात्र वह व्यक्ति हैं जिसे उस वस्तु या सेवा की जरूरत हैं। ऐसे व्यक्ति को दान देने से न केवल उसका जीवन संवरता है, बल्कि दानदाता का भी पुण्य बढ़ जाता है।
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ऐसे लोगो को न दें दान
1. शास्त्रों में ऐसे लोगों को दान देने का निषेध किया गया है जो उसका सदुपयोग नहीं करते । दूसरे शब्दों में कहा जाए तो ऐसे लोग जो दान में मिले पदार्थ का दुरुपयोग करते हैं, सदैव अपने ही हित के बारे में सोचते हैं और व्यक्ति को दान देने के लिए विवश करते हैं।
2. ऐसे लोगों को भी दान नहीं देना चाहिए जो कभी भी उससे संतुष्ट नहीं होते और दान लेने के बाद पीछे से दानदाता का अपमान करते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि दान देने के बाद व्यक्ति को कभी भी उसका पश्चाताप नहीं करना चाहिए। इससे पुण्य समाप्त होता है।
कैसी वस्तुओं का न करें दान
1. दान देते समय ध्यान रखें कि आप स्वयं की प्रसिध्दि के लिए या यश प्राप्त करने के लिए दान नहीं कर रहे। आप इसलिए दान कर रहे हैं क्योंकि ईश्वर ने आपको इस बनाया है। इसके लिए ईश्वर का आभार जताइए कि उसने आपको ऐसा बनाया । दान में जाने वाली वस्तुएं उत्तम श्रेणी की होनी चाहिएं।
2. पुरानी, कबाड़ मे तब्दील हो चुकीं और अनुपयोगी वस्तुओं को दे देना दान नहीं कहलाता। दान में ऐसी वस्तुएं दें जो लेने वाले के मन को प्रसन्नता दे। उसके उपयोग में आए।