कानपुर में नई सड़क पर हुए बवाल के मुख्य आरोपी जफर हयात हाशमी लंबे समय से कांग्रेस और दूसरी पार्टियों से जुड़ा रहा है। पार्टियों से जुड़ाव के बल पर उसकी अधिकारियों में भी अच्छी पैठ थी। जफर का नाम सामने आने के बाद अब कांग्रेस व बाकी संगठन और उससे जुड़े लोग पल्ला झाड़ रहे हैं। हाशमी के मामा बेकनगंज क्षेत्र से कांग्रेस के वार्ड अध्यक्ष रहे हैं। हाशमी ने फेसबुक पर अपने को कांग्रेस की यूथ इकाई का प्रदेश सचिव भी बता रखा है। वैसे कांग्रेस यूथ और जिला इकाई के अध्यक्षों की तरफ से उसके प्रदेश सचिव होने की बात से इंकार किया जा रहा है। इतना जरूर है कि कांग्रेस के नेता यह मानते हैं कि हयात कांग्रेसी मानसिकता का था, इसी वजह से उसका कांग्रेस के कार्यक्रमों में आना जाना था।
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हिंसा का आरोपी हयात जफर हाशमी
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस के वर्तमान पदाधिकारियों की तरफ से कहा जा रहा कि हाशमी पार्टी की मेन बॉडी में कभी पदाधिकारी नहीं रहा है, लेकिन किसी प्रकोष्ठ में रहा हो तो उनको याद नहीं है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस के अलावा जफर हाशमी का दूसरी पार्टियों से जुड़े लोगों से भी काफी निकटता बताई जा रही है। इसमें समाजवादी पाटी, बहुजन समाज पार्टी व अन्य विपक्षी पार्टियां शामिल हैं। जफर अपने संगठन एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन के जरिये भी कई दूसरे बड़े लोगों से जुड़ा रहा है।
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Kanpur Violence
- फोटो : अमर उजाला
जफर हयात हाशमी का कांग्रेस से कोई लेनादेना नहीं है। उसके मामू जरूर कांग्रेस पार्टी के वार्ड अध्यक्ष थे। जब से मैं अध्यक्ष बना हूं, वह मेरे कार्यक्रमों में कभी नहीं आया। - नौशाद आलम मंसूरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तर इकाई
कांग्रेस के किसी प्रकोष्ठ या ब्रिगेड में जफर हयात हाशमी किसी पद पर रहा हो तो नहीं कह सकता हूं, लेकिन पिछले लंबे समय से कांग्रेस की यूथ इकाई से उसका दूर-दूर तक संबंध नहीं रहा है। न ही वह यूथ इकाई में किसी पद पर रहा है। - कनिष्क पांडेय, कांग्रेस यूथ इकाई प्रदेश अध्यक्ष