फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur Violence: साजिशकर्ताओं का पीएफआई से कनेक्शन, चार संस्थाओं के दस्तावेज मिले, व्हाट्सएप चैट से सामने आईं जानकारियां

Sun, 05 Jun 2022 06:32 PM IST
हिमांशु अवस्थी सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर हिंसा के पीछे पीएफआई कनेक्शन है, जिसके दस्तावेज और तार पुलिस को मिल गए  हैं। इससे हयात जफर हाशमी का सीधा कनेक्शन होने की आशंका बढ़ गई है और उसके मोबाइल में सुबूत भी मिले हैं। बता दें कि पीएफआई चार संस्थाओं को फंडिंग करता है और एजेंसियां इन पर नकेल कस चुकी हैं। 
विज्ञापन
1 of 6
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में विरोध प्रदर्शन के नाम पर हुए बवाल के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पीएफआई (पाॅपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से संबंधित चार संस्थाओं के तमाम दस्तावेज बवाल के साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी के पास से बरामद हुए हैं। ये वो संस्थाएं हैं, जिनको पीएफआई फंडिंग करता रहा है। कई जांच एजेंसियों की तफ्तीश में यह साबित हो चुका है। ऐसे में आशंका बढ़ गई है कि शायद साजिशकर्ता पीएफआई व उनसे जुड़ी संस्थाओं के लोगों से सीधे संपर्क में था। आगे की जांच में इसकी परतें खुलेंगी। 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक हयात जफर हाशमी के पास संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। जिन चार संस्था के दस्तावेज मिले हैं उनमें एआईआईसी, आरआईएफ, एसडीपीआई (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया), सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) शामिल हैं। सभी दस्तावेज फंडिंग से संबंधित हैं। इनमें ये जानकारी मिली है कि किस तरह से फंडिंग होती है और उसको किस तरह से बांटना है।
 
मालूम हो कि पीएफआई का सीएए में नाम आया था। संगठन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई भी की गई थी। मणिपुर, त्रिपुरा, हैदराबाद, बंगाल में ये संस्थाएं सक्रिय हैं। कई जांच एजेंसियों की तफ्तीश में सामने आ चुका है कि पीएफआई इन चारों संस्थाओं को फंडिंग करती है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
व्हाट्सएप ग्रुप ने हयात को कर दिया बेनकाब 
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हयात जफर हाशमी समेत अन्य मुख्य साजिशकर्ता के मोबाइल से महत्वपूर्ण डाटा मिला है। एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप पर बवाल के साक्ष्य हैं। ग्रुप में बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। सूत्रों ने बताया कि एक तरफ जफर हाशमी तीन जून की बाजार बंदी को रद्द करने का दावा कर रहा था लेकिन दूसरी तरफ एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप में पूरी साजिश की जा रही थी कि किस तरह से बंदी करनी है। यानी बंदी रद्द करने का एलान कथित तौर पर किया गया था। 
विज्ञापन

3 of 6
पीएफआई - फोटो : सोशल मीडिया
कुछ प्रमुख लोग गुपचुप तरीके से थे शामिल 
साजिशकर्ताओं के मोबाइल से शहर के कई प्रमुख लोगों के नंबर मिले हैं। पुलिस की जांच में सामने आया कि ये लोग पर्दे की पीछे रहकर खामोशी के साथ बवाल की साजिश में शामिल थे। शुरुआती जांच में इनके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य नहीं मिले हैं। पुलिस केवल जानकारी के आधार पर उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाने में लगी है। वहीं, जिनके खिलाफ साक्ष्य पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई होगी।

4 of 6
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
मौजूदगी मिली, फोटो-वीडियो की तलाश
पुलिस ने मुख्य आरोपियों के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवाई। सूत्रों के मुताबिक बवाल के वक्त हयात जफर हाशमी की लोकेशन यतीमखाना के पास मिली। जबकि जावेद व अन्य साजिशकर्ता की लोकेशन यतीमखाना, नई सड़क व दादामियां चौराहे के पास पाई गई।
विज्ञापन

5 of 6
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की पूछताछ में हाशमी ने बताए पांच लोगों के नाम 
बवाल के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी ने पूछताछ में पांच लोगों के नाम बताए हैं। दावा किया है कि वह भी इस साजिश में शामिल रहे हैं। इसमें एक दो नामचीन लोग हैं। पुलिस ने इसको बेहद गंभीरता से लेकर तफ्तीश शुरू की है। इन पांचों लोगों के बारे में जानकारी के साथ घटना से जुड़े साक्ष्यों को पुलिस जुटा रही है। अगर साक्ष्य पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जिन पांच लोगों के नाम सामने आए हैं, उनको अभी सार्वजनिक नहीं किया जाएगा, क्योंकि ये नाम आरोपियों ने बताए हैं। अगर उनके खिलाफ साक्ष्य पाए जाते हैं तो नाम सार्वजनिक कर कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों के मोबाइल से तमाम जानकारियां मिली हैं। उस आधार पर भी जांच की जा रही है। सीपी ने बताया कि बाबूपुरवा इलाके से पहले पीएफआई के पांच सदस्य गिरफ्तार किए गए थे। उस मामले की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। हयात जफर हाशमी व उसके साथियों का उस घटना से कनेक्शन तलाशा जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि उपद्रवियों ने शुरू की पत्थरबाजी - फोटो : अमर उजाला
एक वीडियो की भी हो रही जांच 
सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कुछ लोग बैठक करते दिखाई दे रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के लिए कहा जा रहा है। बैठक की मंच पर हयात जफर हाशमी भी बैठा नजर आ रहा है। पुलिस ने इस वीडियो को भी जांच में शामिल कर लिया है। पुलिस पता कर रही है कि बैठक में शामिल होने वाले लोगों का बवाल से कोई संबंध है या नहीं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें