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Kanpur Violence: उपद्रवियों ने पहले नाम पूछा, फिर किया हमला, मैं उनसे मिन्नतें करते रहा...लेकिन उन्होंने मेरी एक न सुनी

Sat, 04 Jun 2022 12:10 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान के विरोध में शुक्रवार को नई सड़क पर जुमे की नमाज के बाद भारी बवाल हो गया। विरोध में शामिल समुदाय विशेष के लोगों ने जबरन दुकानें बंद कराने के साथ दूसरे समुदाय के हाते में दाखिल हो गए। इससे दूसरे समुदाय के लोग भड़क गए और उनको खदेड़ने लगे। कुछ मिनट बाद दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी होने लगी। एक पक्ष की तरफ से फायरिंग के साथ पेट्रोल बम फेंके गए। रात करीब सात बजे तक गलियों में इसी तरह से बवाल होता रहा। बमुश्किल पुलिस हालात काबू कर सकी। बवाल में 30 से अधिक घायल हुए हैं। 18 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। 12 कंपनी पीएसी तैनात कर दी गई है। भाजपा प्रवक्ता ने कुछ दिन पहले एक टीवी डिबेट में एक बयान दिया था। जिसको लेकर एक समुदाय लगातार विरोध कर रहा है। इधर गुलामाने मुस्तफा कानपुर संगठन ने तीन जून को बयान के विरोध में बाजार बंदी का आह्वान किया था। इलाके में पोस्टर भी चस्पा किए गए थे। 
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार दोपहर को जुमे की नामाज खत्म होने के बाद यतीमखाना से नई सड़क तक विरोध प्रदर्शन करते हुए हजारों लोग की भीड़ उग्र हो गई। जबरन दुकानें बंद करवाने लगी। इसी दौरान दूसरे समुदाय के लोग दुकान न बंद करने पर अड़ गए। 

 
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने चंद्रेश्वर हाते और नई सड़क से गुजरने वाले लोगों से पहले उनका नाम पूछा। जो दूसरे समुदाय का मिला उन्हें पीटना शुरू कर दिया। पीड़ितों ने पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया।

 

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बवाल में घायल हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
घंटाघर से रिक्शा लेकर परेड चौराहे की ओर जा रहा था। तभी उपद्रवी मेरे पास पहुंचे। पहले मेरा नाम पूछा। नाम पूछते ही मारना शुरू कर दिया। मैं उनके मिन्नतें कर रहा था, लेकिन उन्होंने मेरी एक न सुनी। -घायल मुकेश, रिक्शा चालक 
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
दो तीन हजार लोगों की भीड़ एक साथ नई सड़क पर निकली थी। भीड़ में शामिल युवा उन्मादी नारे लगा रहे थे। वहां मौजूद पुलिस की संख्या बेहद कम थी, जो थे भी उन्होंने कुछ नहीं किया। उपद्रवियों ने महिलाओं से भी बदसलूकी की। -अभिषेक, स्थानीय दुकानदार

 
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
किराये की गाड़ी लेकर ननिहाल आया था। मैंने जैसे ही गाड़ी सड़क किनारे लगाई, पत्थर आने शुरू हो गए। गाड़ी में मेरे साथ पत्नी, बच्चे, बहू और सास भी थे। हम किसी तरह बचकर भागे, सामान भी नहीं निकाल पाए। मेरी गाड़ी तोड़ दी गई। उपद्रवियों ने गाड़ी में रखे 70 हजार के जेवर और बैग भी लूट लिया। -जुगल किशोर कश्यप, उन्नाव
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