गोविंद वर्मा हत्याकांड का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर उसके छह दोस्तों को जेल भेज दिया। तीन माह पहले घर आए दोस्त से हुई मामूली झड़प हत्या जैसी वारदात तक पहुंच गई। पुलिस ने लूटी गई बलेनो कार, 50 हजार रुपये और एक बाइक बरामद की है। लूटे गए जेवरात बरामद नहीं हो सके। ख्योरा नवाबगंज निवासी केस्को कर्मी रमेश वर्मा का बेटा गोविंद (25) एक जुलाई की शाम को घर से निकला था। रात सवा दस बजे उसकी आखिरी बार अपनी बहन निशा से बातचीत हुई थी। उसके बाद वह लापता हो गया था। दूसरे दिन उसका शव अकबरपुर में हाईवे किनारे पड़ा मिला था। तीन जुलाई को शव की पहचान हुई थी। गला दबाकर उसकी हत्या की गई थी। पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर एक के बाद एक छह संदिग्धों को उठाया गया। यह सभी गोविंद के परिचित थे।
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को इन सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। हत्याकांड का राजफाश करने वाली पुलिस टीम को पुलिस कमिश्नर ने 50 हजार रुपये का इनाम दिया है।
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गोविंद हत्याकांड के सीसीटीवी फुटेज
- फोटो : अमर उजाला
इसलिए रखी खुन्नस फिर मार दिया
सीपी के मुताबिक दीपक नाम का युवक गोविंद का दोस्त है। वह तीन महीने पहले अपने परिचित आकाश उर्फ मोनू के साथ गोविंद के घर गया था। इस दौरान उसने पीने के लिए हुक्का मांगा था। गोविंद ने बोला था कि हुक्का पीना हो तो बार रेस्टोरेंट में जाओ।
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गोविंद की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इस बात पर आकाश भड़क गया था। तब गोविंद ने उसको वहां से गालियां देकर भगा दिया था। इसी बात पर आकाश ने उससे खुन्नस रख ली थी। एक जुलाई की शाम जब मकड़ीखेड़ा में उसने गोविंद को अकेला देखा तो उसने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर उसको अगवा कर लिया। लूटा फिर हत्या कर दी।
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गोविंद की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इस तरह हुआ वारदात का खुलासा
पुलिस के पास करीब एक दर्जन कैमरों के फुटेज थे, जिसके जरिये पुलिस ने उनके बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। उन्नाव के एटीएम के बाहर खड़ी कार के पास आरोपी आदित्य खड़ा दिखा था। उसका स्पष्ट फुटेज था। इससे उसकी पहचान हुई। वहीं जब पुलिस ने मकड़ीखेड़ा व उन्नाव सिविल लाइंस स्थित मोबाइल टावर का डाटा डंप कराया तो एक समय पर छह मोबाइल एक्टिव मिले।
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गोविंद की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आगे भी इनकी लोकेशन एक साथ बदलती गई। यहीं से इन पर शक गहराया। पुलिस सबसे पहले आदित्य फिर सौरभ और आकाश उर्फ मोनू तक पहुंची। पूछताछ शुरू की तो पूरी वारदात आरोपियों ने कबूली। उसके बाद अन्य तीन आरोपी पुलिस ने पकड़ लिए।