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कानपुर अग्निकांड: तंग गलियों में आग से फूल रहा दमकल का दम, आधे से अधिक आबादी पर मंडरा रहा खतरा

Tue, 06 May 2025 02:42 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Fire Accident: शहर को विकसित करने के लिए जिम्मेदार केडीए ने ही मास्टर प्लान की धज्जियां उड़ा रखीं हैं। बिना मानकों के घनी आबादी व सकरी आबादी वाले मोहल्लों में इमारतें खड़ी करा दीं जो अब मुसीबत बनती जा रही हैं।
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kanpur fire accident - फोटो : amar ujala
कानपुर शहर की आधे से ज्यादा की आबादी पर असुरक्षा का खतरा मंडरा रहा है। यहां की तंग गलियों में बिना सुरक्षा के छोटे व मध्यम स्तर के कारखाने और कारोबार संचालित हो रहे हैं। पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों को इसकी जानकारी है, लेकिन कार्रवाई करने के नाम पर महज खानापूर्ति होती है।
अक्सर बड़ी घटनाओं में कार्रवाई के दावे होते हैं। सबसे अधिक समस्या आग लगने की घटनाओं में सामने आता है। तंग गलियों में बचाव कार्य के लिए दमकल का दम भी फूल जाता है। हर अग्निकांड में क्षमता से अधिक पानी की जरुरत पड़ते ही दमकल विभाग पानी मांग जाता है। शहर के अधिकतर हिस्सों में आग बुझाने के इंतजाम ही नहीं है।
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kanpur fire accident - फोटो : amar ujala
अग्निशमन विभाग अन्य विभागों से संपर्क किए हुए है
घनी आबादी वाले क्षेत्र में फायर टेंडर अंदर घुस नहीं पाती है। पहले के लगे हुए हाइड्रेंट खराब हो गए हैं या चोक पड़े हुए हैं। इनसे पानी की सप्लाई करना मुश्किल है। इस समस्या को देखते हुए अग्निशमन विभाग अन्य विभागों से संपर्क किए हुए है। कई निजी प्रतिष्ठान और माल से भी पानी की सुविधा ली जा रही है।
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kanpur fire accident - फोटो : amar ujala
तनती जा रहीं अवैध इमारतें
शहर को विकसित करने के लिए जिम्मेदार केडीए ने ही मास्टर प्लान की धज्जियां उड़ा रखीं हैं। बिना मानकों के घनी आबादी व सकरी आबादी वाले मोहल्लों में इमारतें खड़ी करा दीं, जो अब मुसीबत बनती जा रही हैं। बासमंडी, इफ्तिखाराबाद, नई सड़क, दलेलपुरवा, चमनगंज, कर्नलगंज, लकड़मंडी, दर्शनपुरवा आदि मोहल्लों में छोटी-छोटी जगहों पर 7-7 मंजिल तक इमारत तान दी गई है। इन बिल्डिंगों में या तो गेस्ट हाउस बने हैं, या फिर दुकानें बना दी गई हैं।

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kanpur fire accident - फोटो : amar ujala
शहर में अब तक हुए अग्निकांड
  • 3 मई 2025 को केडीए हाईट्स के चौथी मंजिल पर लगी भीषण आग से लाखों का नुकसान
  • 4 मई 2025 में नवाबगंज में शॉर्ट सर्किट से लगी आग से धुएं के कारण दम घुटने से कारोबारी की मौत।
  • 16 दिसंबर 2022 को फजलगंज में साइकिल की गद्दी बनाने वाली फैक्टरी में छह मजदूरों की मौत।
  • 3 फरवरी वर्ष 2023 को पनकी स्थित एक पान मसाला फैक्ट्री में आग लगने से युवक की मौत।
  • 30 मार्च 2023 को बांसमंडी में हमराज कांप्लेक्स में आग से एक की जलकर मौत।
  • 9 अप्रैल 2023 में बाबूपुरवा की चालीस दुकान में 13 दुकाने जलकर खाक हो गई थी, हादसे में 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ था।
  • 07 मई को फीलखाना थानाक्षेत्र के शिव कांप्लेक्स में 11 दुकानों में लगी थी आग।
  • 02 जुलाई 2024 को फजलगंज में बाइक शोरूम में भीषण आग से 80 लाख का नुकसान।
  • 6 जनवरी वर्ष 2021 गोविंद नगर में चार मंजिला मकान में भीषण आग, एक की मौत और तीन झुलसे।
  • 29 जनवरी वर्ष 2022 को काहूकोठी स्थित मिठाई कारखाने में आग लगने से दो कर्मचारी जिंदा जले।
  • 8 मई वर्ष 2022 को दादा नगर में साइट-पांच स्थित इंक फैक्ट्री में आग लगने से केमिकल भरे ड्रम फटने से दहशत।2 जलाई 2017 को काकादेव के हॉस्टल में युवती समेत दो की मौत और 14 लोग घायल हुए थे।
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दमकल विभाग के पास आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम है, लेकिन गर्मी में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं ज्यादा होती हैं। इसको लेकर लोगों को खुद भी जागरुक होकर आग से बचाव के इंतजाम रखने चाहिए। किसी भी तरह की आग की घटना होने पर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दें।  -दीपक शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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