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Kanpur Fire: घनी आबादी में बनी हैं 240 अवैध इमारतें, चल रहीं जानलेवा फैक्टरियां…1700 कारखाने ही हैं पंजीकृत

Tue, 06 May 2025 11:47 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Fire Accident News: सहायक निदेशक कारखाना सचिन यादव ने बताया कि प्रेमनगर में हुए हादसे के बाद कारखाना विभाग की टीम भेजी गई थी, लेकिन जानकारी नहीं मिल सकी है। टीम मंगलवार को फिर से जाएगी और जानकारी जुटाएगी।
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kanpur fire accident - फोटो : amar ujala
कानपुर में रिहायशी इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर करीब 240 अवैध भवन खड़े कर दिए गए हैं। इनमें न तो दमकल उपकरण हैं और न ही इन्हें कोई एनओसी मिली है। करीब दो सौ तो ऐसे अपार्टमेंट हैं जिनके बेसमेंट में कारखाने और गोदाम संचालित हो रहे हैं। केडीए, दमकल विभाग के साथ ही जिम्मेदारों को इनकी खामियां नजर नहीं आती हैं।

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि प्रेमनगर के आसपास चमनगंज, बेकनगंज, पटकापुर, प्लाट नंबर-तीन, भन्नापुरवा, दलेलपुरवा, इफ्तिखारबाद, नई सड़क आदि क्षेत्रों में कई अपार्टमेंट तान दिए गए हैं। यह पूरी तरह से अवैध हैं। आपातकालीन स्थिति में इन इमारतों में मदद पहुंचाने में कठिनाई होती है।
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kanpur fire accident - फोटो : amar ujala
दमकल की गाड़ियां जा पाना संभव ही नहीं
कारोबारी दानिश के अपार्टमेंट के ठीक पीछे पांच फीट की संकरी गली में कई अपार्टमेंट हैं जो छह मंजिल तक के हैं। आपातकालीन स्थिति में इन संकरी गलियों में दमकल की गाड़ियां जा पाना संभव ही नहीं है। यह तो सिर्फ बानगी है। इलाके में ऐसी कई इमारतें हैं, जिनमें जूते, चप्पल, नमकीन के कारखाने और गोदाम भी संचालित हैं।
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kanpur fire accident - फोटो : amar ujala
12 इमारतें की गईं थी सील
सीसामऊ उपचुनाव से पूर्व केडीए ने अभियान चलाया था। इस दौरान चमनगंज व अन्य इलाकों में ऐसी 12 इमारतें सीज की गई थी, जिनके बेसमेंट में कारखाने संचालित हो रहे थे। केडीए का कहना था कि ये इमारते अवैध हैं। उसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

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kanpur fire accident - फोटो : अमर उजाला
इतनी कम जगह में इतनी ऊंची इमारतें कैसे तान दी गई जहां फायर ब्रिगेड तो क्या, कार पहुंचना भी मुश्किल है। इनकी जांच करानी चाहिए।  -हरिशचंदर, एडिशनल सीपी
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kanpur fire accident - फोटो : अमर उजाला
यह भवन 20 साल पहले बनाया गया था। यह अवैध रूप से निर्माण हुआ। सोमवार को टीम भेजकर जांच कराई गई। आसिफ के नाम से नोटिस जारी किया गया है। अन्य कागजों के साथ भवन का नक्शा भी मांगा गया है।  -सत शुक्ला, विशेष कार्याधिकारी, जोन-एक केडीए
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kanpur fire accident - फोटो : अमर उजाला
शहर में 1700 कारखाना ही पंजीकृत
औद्योगिक और ट्रेडिंग वाले शहर में केवल 1700 कारखाना ही कारखाना अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं। जबकि, शहर का ऐसा कोई हिस्सा नहीं होगा, जहां रिहायशी इलाकों में बिना पंजीकरण के ऐसे कारखाने संचालित न होते हों। हालांकि बिना प्रशासन की अनुमति के निरीक्षण भी नहीं किया जा सकता है। प्रेमनगर में हुए हादसे की जानकारी के लिए कारखाना निदेशक की टीम मौके पर गई थी।
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kanpur fire accident - फोटो : एएनआई
चोरी-छिपे कारोबार करते रहते हैं लोग
हालांकि, उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल सकी। ऐसे कारखाना जहां 20 या इससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं, उनको कारखाना अधिनियम में पंजीकरण कराना होता है। बाद में स्वत: नवीनीकरण होता रहता है। हालांकि तमाम लोग श्रम कानूनों से बचने के लिए पंजीकरण नहीं कराते हैं और चोरी-छिपे कारोबार करते रहते हैं। कभी भी कारखाने में 20 या इससे अधिक लोग ही नहीं दिखाते हैं।
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