कानपुर के बिकरू कांड में आठ पुलिसकर्मियों को दर्दनाक मौत देने वाले विकास दुबे के गैंगस्टर साथी को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गैंगस्टर जयकांत बाजपेई भी ऑनलाइन सट्टा खेलने वाले गिरोह का सक्रिय सदस्य था। ये खुलासा पकड़े गए सटोरिए की व्हाट्सएप चैट से हुआ।
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जय बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
जय भी बड़ी रकम सट्टे में लगाता था। जय बाजपेई पुलिस से सांठगांठ कर सटोरियों को संरक्षण दिलाता था। डीआईजी प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी इशान भाटिया जय का करीबी है। दोनों कमेटी और सट्टे में रकम लगाते थे।
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जय बाजपेई और गैंगस्टर विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
इशान के व्हाट्सएप चैट में जय बाजपेई से बातचीत मिली जो उसके जेल जाने से पहले की है। सटोरिये व्हाट्सएप पर या इंटरनेट कॉल के माध्यम से काल करते थे। इन पर गैंगस्टर और गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। सट्टे की रकम से आरोपियों ने करोड़ों की संपत्ति बनाई है जिसे पुलिस कानूनी कार्रवाई कर जब्त करेगी।
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जय बाजपेई पत्नी के साथ
- फोटो : फेसबुक
थाना पुलिस पर सवाल
फजलगंज, नजीराबाद और काकादेव इलाकों से सटोरिये गिरफ्तार हुए लेकिन छापे की इन तीनों थानों को जानकारी नहीं थी। ऐसे में इन तीनों थानों की पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इनको संरक्षण पुलिस ने ही दे रखा था।
सपा विधायक इरफान सोलंकी, जय बाजपेई के साथ
- फोटो : अमर उजाला
भंग स्वाट टीम भी कार्रवाई में शामिल
भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद डीआईजी ने गुरुवार को स्वाट टीम को भंग कर दिया था। टीम प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार यादव समेत दस पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था। हैरानी की बात ये है कि सट्टेबाजों पर कार्रवाई में स्वाट टीम भी शामिल रही। सवाल है कि आखिर भंग की गई टीम इसमें क्यों शामिल की गई।