कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में कुख्यात अपराधी विकास दुबे और उसके साथियों से मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। शहीदों में सीओ बिल्हौर, एसओ शिवराजपुर के अलावा दो दरोगा, चार सिपाही शामिल हैं। शातिर बदमाशों ने गोलियों के अलावा बम और कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियारों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया। कई पुलिसकर्मियों के असलहे तक लूट लिए।
विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र को वीभत्स तरीके से मारा। हमला होते ही सीओ दीवार कूदकर एक घर में जाकर छिपे थे। बदकिस्मती से ये घर विकास के मामा का था। बदमाशों ने घर में घुसकर दीवार से सटाकर सीओ के सिर पर ताबड़तोड़ कई गोलियां मारीं। पूरा शव क्षत-विक्षत कर एक पैर भी काट दिया। घटनास्थल देख हर कोई सहम गया।
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कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद
- फोटो : अमर उजासा
विकास के घर पड़ी दबिश को सीओ देवेंद्र सिंह लीड कर रहे थे। हमला होते ही हर कोई इधर-उधर भागने लगा। सीओ के सामने ही तीन चार सिपाहियों को मार दिया गया। तभी सीओ एक दीवार कूदकर घर में घुस गए। ये घर विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय (मुठभेड़ में मारा गया, पुराना डकैत) का था। प्रेम प्रकाश ने तुरंत विकास को इसकी जानकारी दी। इसके बाद आठ-दस बदमाश घर में घुसे और सीओ का सिर दीवार से सटाकर उनके सिर पर कई गोलियां दागीं। फिर घसीटकर बाहर ले गए और वहां पर भी गोली मारी। एक पैर भी काट दिया।
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महेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
घायल होकर गिरे एसओ, पीठ कर दी छलनी
शिवराजपुर एसओ महेश यादव गोली लगते ही गिर गए थे। इसके बाद बदमाश वहां पहुंचे और औंधे मुंह पड़े महेश की पीठ पर दर्जनों गोलियां दागकर छलनी कर दिया। मौत होने के बाद शव को सिपाहियों के शव के ऊपर लाद दिया। पुलिस अधिकारियों को पांच शव एक के ऊपर एक रखे मिले थे।
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kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का असलहा भी लूट ले गए बदमाश
आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि जो पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं, उनमें से कइयों के असलहे गायब हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि बदमाश एक एके-47, दो ग्लॉक पिस्टलें और एक इंसास रायफल लूट ले गए हैं। जिन दो बदमाशों को मारा गया है, उनके पास से एक पिस्टल व रायफल भी बरामद हुई है।
पहले से तैयारी में थे बदमाश
बदमाशों को पुलिस की दबिश की पूरी जानकारी थी। इसलिए वह पूरी तैयारी से छतों पर असलहों से लैस बैठे थे। विकास ने अपने घर से ठीक बीस मीटर दूर सड़क के बीचोबीच एक जेसीबी खड़ी कर रखी थी। जैसे ही पुलिस के वाहन वहां पहुंचे और पुलिसकर्मी उतरे, बदमाशों ने उन पर धावा बोल दिया। पुलिसकर्मियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। बदमाशों ने घेर-घेरकर पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या की।