कानपुर मुठभेड़ में चौबेपुर एसओ विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध मानते हुए आईजी रेंज कानपुर ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का ऑर्डर जारी कर दिया है। एसटीएफ की एक टीम विनय से मुठभेड़ के संबंध में पूछताछ भी कर रही है। बता दें कि विकास दुबे के फोन से कुछ पुलिस वालों के नबंर मिले हैं। जिनसे पूछताछ की जा रही है।
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कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद
- फोटो : अमर उजाला
पूरे प्रदेश को हिलाकर रख देने वाली बिकरू गांव में हुई घटना में चौबेपुर थानेदार विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध लग रही है। पहले थानेदार ने विकास दुबे पर रिपोर्ट दर्ज न कर पीड़ित राहुल को भगा दिया था। इसके बाद सीओ ने रिपोर्ट दर्ज कराई और गिरफ्तारी के लिए दबिश दी।
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कानपुर एनकाउंटर
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दबिश में चौबेपुर थानेदार गए तो लेकिन पीछे-पीछे रहे और हमले से ठीक पहले वहां से भाग निकले। इससे वे शक के घेरे में आ गए हैं। मोहिनी नेवादा निवासी राहुल तिवारी ने दो दिन पहले चौबेपुर थाने में विकास दुबे के खिलाफ हत्या के प्रयास का आरोप लगाकर तहरीर दी थी।
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कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद
- फोटो : amar ujala
आरोप है कि एसओ विनय तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। जानकारी होने पर सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी केस में विकास दुबे को उठाने के लिए आला अधिकारियों की अनुमति पर पुलिस ने दबिश दी।
कानपुर एनकाउंटर में शहीद पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
जुआ खिलवाने का लगाया था आरोप
कुछ महीने पहले सीओ ने चौबेपुर क्षेत्र में बड़ा जुआ पकड़ा था। मामले में सीओ ने जांच की थी तो पता चला था कि जुआ खिलाने के बदले रकम थानेदार तक पहुंचती है। जिसके बाद उन्होंने उसके खिलाफ रिपोर्ट लगाई थी। ऐसे कई मामले हैं, जिनकी वजह से सीओ और एसओ के बीच विवाद रहता था। दोनों एक दूसरे से असहमत रहते थे।