उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के श्याम नगर में बुधवार दोपहर दिल दहला देने वाला मामला सामने आया। यहां एक बिल्डर ने अपने घर के अंदर ही ठेकेदार को जिंदा जला दिया। चार घंटे के बाद इलाज के दौरान ठेकेदार की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने आरोपी बिल्डर और उसके मंशी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में सामने आया कि 18 लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में आरोपी बिल्डर ने इस वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, राजेंद्र पाल (59) लाल बंगला एनटू रोड स्थित एमईएस कॉलोनी में परिवार के संग रहते थे। मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज में कार्यरत उनके बेटे अरविंद और पत्नी मीना पाल के अनुसार, राजेंद्र लेबर ठेकेदार थे। श्याम नगर के डी ब्लॉक में रहने वाले बिल्डर शैलेंद्र श्रीवास्तव के साथ वह कई बार काम कर चुके थे। शैलेंद्र पर राजेंद्र के 18 लाख रुपये थे। कई बार मांगने के बावजूद शैलेंद्र पैसे नहीं दे रहा था। करीब तीन साल से दोनों के बीच रुपयों को लेकर विवाद चल रहा था।
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builder burnt alive contractor
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने बताया कि बुधवार सुबह करीब दस बजे राजेंद्र घर से निकले थे। दोपहर करीब 12.30 बजे उनके परिजनों को घटना की जानकारी मिली। परिजनों और पुलिस ने शैलेंद्र के घर से राजेंद्र को निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया। करीब चार घंटे इलाज भी चला।
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आरोपी बिल्डर शैलेंद्र और उसका मुंशी राघवेंद्र तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
शाम करीब साढ़े चार बजे राजेंद्र ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी बिल्डर शैलेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में किसी और की भूमिका है या नहीं, इस पहलू की पुलिस तफ्तीश कर रही है। उसने मृत्यु पूर्व बयान में भी दिए हैं।
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मृतक का फाइल फोटो
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आज सब बराबर कर देंगे
राजेंद्र जब सुबह करीब दस बजे घर से निकले थे तो वह अपने एक परिचित के पास गए थे। उसने पुलिस को बताया कि राजेंद्र बहुत गुस्से में थे। उन्होंने कहा था कि शैलेंद्र की वजह से वह बहुत परेशानी झेल चुके हैं। आज उसी के पास जा रहे हैं, सब बराबर कर देंगे। उसके बाद राजेंद्र वहां से चले गए थे। उस परिचित शख्स ने इसकी जानकारी राजेंद्र के बेटे अरविंद को दी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद राजेंद्र के आग से झुलसने की खबर पहुंची।
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बारिश से धुले साक्ष्य
वारदात के कुछ देर बाद जमकर बारिश हुई, जहां घटना हुई वहां पर मौजूद पूरे साक्ष्य पानी से धुल गए। फोरेंसिक टीम भी मौके पर नहीं पहुंची। ज्वलनशील पदार्थ किसमें रखा गया था। वह भी बरामद नहीं हुआ है। वारदात से संबंधित कई सवाल अभी अनसुलझे हैं। जांच के बाद सभी तथ्य सामने आएंगे। उधर परिजनों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की है।
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पुलिस भी जिम्मेदार, जांच में किया खेल
परिजनों ने पुलिस पर सवाल उठाए हैं। वारदात के पीछे पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है। राजेंद्र के परिचित नरेश घई ने बताया कि एक सप्ताह पहले राजेंद्र ने पैसों के लेनदेन के विवाद के संबंध में आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। पुलिस ने इस बारे में उनसे संपर्क भी किया था लेकिन बगैर जांच किए उसमें रिपोर्ट लगा कागजों में समस्या का निस्तारण कर दिया था। चकेरी थानेदार सीधे तौर पर सवालों के घेरे में आ गए हैं। जांच में पता चलेगा कि आखिर पुलिस ऐसा खेल क्यों किया।
आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। गहनता से पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। लेनदेन के विवाद की बात सामने आई है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। जैसे तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था