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आयकर विभाग ने शर्मा जी की 'खोल दी पोल'! नोटबंदी में जमा किए थे करोड़ों, रियल इस्टेट में खपाए

Thu, 17 Jan 2019 10:12 PM IST
gaurav gaurav यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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आयकर विभाग ने गुरुवार को कानपुर के एसपीएम हॉस्पिटल समूह के लखनऊ और कानपुर में सात ठिकानों पर एक साथ छापामारी की। एसपीएम हॉस्पिटल समूह पूर्व डीजीएमई डॉ. महेश चंद्र शर्मा का है। समूह के अलग अलग अस्पतालों को इनके दो बेटे और दो बेटियां मिल कर संचालित करते हैं। जांच के दौरान बड़े पैमाने टैक्स चोरी के सबूत हाथ लगे हैं। दो सौ से ज्यादा दस्तावेज और फाइलों के अलावा कंप्यूटरों का डाटा जब्त किया गया है। 
 
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आयकर विभाग के प्रधान निदेशक (जांच) अमरेंद्र कुमार के निर्देश पर 40 से ज्यादा अफसरों ने सुबह आठ बजे इनके ठिकानों पर धावा बोला। इन ठिकानों में कल्याणपुर स्थित एसपीएम हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर, कल्याणपुर में ही डॉ. महेश चंद्र शर्मा के घर और हॉस्पिटल के एकाउंटेंट का आवास विकास स्थित घर शामिल है। इसके अलावा एक टीम ने डॉ. महेश चंद्र शर्मा के लखनऊ स्थित पैरामेडिकल साइंस नर्सिंग कालेज, केएलएस आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज, केएलएस फार्मेसी ट्रस्ट के अलावा घर पर छापा मारा।
 
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सातों ठिकानों पर जांच के दौरान लेखा पुस्तकें जब्त की गईं। दर्जन भर से ज्यादा कंप्यूटर, लैपटॉप, मालिकों व प्रतिष्ठानों के प्रबंधकों के फोन कब्जे में लिए गए। सभी ठिकानों से करीब 50 लाख रुपये कैश, घर से कीमती आभूषण और कुछ अघोषित संपत्तियों के दस्तावेज मिलने की सूचना है। हालांकि अभी तक बरामदगी की पुष्टि नहीं की गई है। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी सामने आ चुकी है। कुछ संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। इनके बेनामी होने की आशंका जाहिर की जा रही है। इसकी पड़ताल बेनामी विंग से करवाई जाएगी। पता चला है कि इनका सूरत (गुजरात) में भी एक मेडिकल कालेज बन रहा है।  समाचार लिखे जाने तक जांच जारी थी। 
 

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आयकर विभाग को पता चला है कि कानपुर कल्याणपुर स्थित एसपीएम हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर के मालिक डॉ. महेश चंद्र शर्मा के परिवारीजनों ने नोटबंदी के दौरान अलग अलग खातों में करोड़ों रुपये जमा कराए थे। बताया जाता है कि अपने नर्सिंग और फार्मेसी कालेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के जरिये इस काम को अंजाम दिया गया था।  आयकर अफसर डॉक्टर परिवार के सभी सदस्यों, अस्पताल और अन्य संस्थानों के अधिकारियों व कर्मचारियों के खाते खंगाल रहे हैं। जमा कराई गई कुल रकम जांच के बाद ही सामने आएगी। आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि डॉक्टर परिवार अपनी आय के मुताबिक टैक्स जमा नहीं कर रहा था। इनका टर्नओवर लगातार बढ़ रहा था, लेकिन टैक्स की रकम में वृद्धि नहीं हो रही थी। इनके बीते सालों के रिटर्न जांचें गए तो परिवार के सभी सदस्यों की स्थिति ऐसी ही थी। 
 
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इसके अलावा यह भी शिकायत आ रही थी कि इलाज के बाद मरीजों से जो रकम वसूली जाती है उसका पूरा बिल नहीं मिलता था। जांच के दौरान यह बात पुष्ट हुई। अस्पताल प्रबंधन खर्चों को बढ़ाकर दिखाता था जबकि आय को घटाकर दर्शाता था। इसके अलावा अस्पतालों और कालेजों से हुई कमाई का बड़ा हिस्सा रियल इस्टेट कारोबार में भी लगाया गया। आयकर अफसर अब उन प्रोजेक्टों की पड़ताल कर रहे हैं जिनमें इस परिवार का पैसा लगा।  अनुमान के मुताबिक यह परिवार 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियों का मालिक है। बीते कुछ वर्षों में बेहिसाब दौलत कमाई गई है। आयकर अफसर इस कमाई का स्रोत जानने का प्रयास कर रहे हैं। 
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