आईआईटी के छात्र प्रशांत सिंह के खुदकुशी के मामले में कई सवाल अनसुलझे हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर खुदकुशी की वजह क्या है। पुलिस अब उसका फोन खंगालेगी।
कानपुर आईआईटी के छात्र प्रशांत सिंह के खुदकुशी करने की गुत्थी उलझी है। भले ही फोरेंसिक व पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुदकुशी की पुष्टि हुई हो लेकिन सवालों के जवाब अब तक नहीं मिले हैं। पुलिस अब उसका फोन खंगालेगी। वाराणसी निवासी प्रशांत सिंह (32) आईआईटी से पीएचडी कर रहे थे।
मंगलवार रात कमरे में उनका शव फंदे से लटकता मिला था। बुधवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। जिसमें हैंगिंग की पुष्टि हुई थी। परिजन शव लेकर वाराणसी चले गए थे। एसीपी कल्याणपुर दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रशांत का मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच के दौरान व्हाट्सएप चैट आदि खंगाली जाएगी।
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मृतक छात्र के पिता
- फोटो : अमर उजाला
उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल टेलीकॉम कंपनी से मांगी गई है। जिससे पता चल सके कि आखिरी बार प्रशांत की किससे बात हुई थी। कौन कौन लोग उसके संपर्क में थे। शायद उससे कुछ सुराग लगे।
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मृतक छात्र का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बिखरा था पूरा सामान
परिजनों ने बताया कि प्रशांत के कमरे में कपड़े आदि बेड पर फैले हुए थे। सामान भी बिखरा पड़ा था। आखिर ऐसा क्यों। उनका कहना था कोई भी शख्स कमरे में जाकर उसका गला भी दबा सकता है।
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IIT student suicide case
- फोटो : अमर उजाला
कैमरे न होने पर उठाए सवाल
प्रदीप ने कहा कि वर्तमान में छोटे से छोटे संस्थान कैमरों से लैस हैं लेकिन आईआईटी में कैमरे नहीं लगे हैं। आखिर इतनी असुरक्षा क्यों। उन्होंने कहा कि हम मामले की तह तक जाना चाहता हैं, ताकि भविष्य में किसी और के बच्चे के साथ ऐसा न हो।
रक्षाबंधन पर घर नहीं गया था प्रशांत
प्रशांत रक्षाबंधन पर घर नहीं गया था। प्रदीप ने बताया कि तीन चार दिनों की छुट्टी भी थी। तब प्रशांत ने कहा था कि विभाग में कुछ नई मशीनें आई हैं। जिनको इंस्टाल करना है। इसलिए वह अभी नहीं आ पाएगा। प्रदीप ने बताया कि पढ़ाई का दबाव था लेकिन वह उससे परेशान नहीं था।