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नक्सली हमले में शहीद हुए पति के पार्थिव शरीर से लिपट कर रोई पत्नी, बोली कैसे जिऊंगी तुम्हारे बिना

Wed, 12 Feb 2020 10:15 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
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पति के पार्थिव शरीर से लिपट कर पत्नी नंदनी की निकली चीख़ - फोटो : amar ujala
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सर्च आपरेशन के दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ में शहीद हुए बांदा के सीआरपीएफ जवान विकास कुमार का पार्थिव शरीर मंगलवार को पैतृक गांव लामा देर शाम लाया गया। गांव के लाल को गवां देने का गम हर बाशिंदे पर साफ नजर आया। अंतिम संस्कार आज सुबह 10 बजे हुआ।
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गाँव के लाल का आख़री दीदार - फोटो : amar ujala
शादी की सालगिरह के 13 दिन पहले छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुठभेड़ में शहीद जिले के लामा गांव के लाल विकास कुमार का शव मंगलवार देर रात गांव पहुंचते ही समूचा इलाका रो पड़ा। विकास को भाई की शादी में 25 फरवरी को आना था। इंतजार में एक-एक दिन गिन रही पत्नी नंदनी शहादत की खबर से ही बेसुध थी।

 
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गाँव के लाल का आख़री दर्शन करते लामा के बाशिंदे। - फोटो : amar ujala
ताबूत देखा तो उससे लिपटकर दहाड़े मार रो पड़ी। मां कैलशिया की भी हालत ऐसी ही थी। रोते-रोते दोनों कई बार बेहोश हुईं। साथ-साथ सैकड़ों महिलाएं और पुरुष फफकते रहे। बेटे की शहादत से विचलित दिख रही मां कैलशिया बार-बार देश के लिए बेटे की वफादारी और बलिदान पर गर्व की बात कह रही थी।

 

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कुछ देर बाद होगा अंतिम संस्कार। - फोटो : amar ujala
पत्नी नंदनी ने कहा, गर्व है कि वह एक शहीद की पत्नी है। उसने बताया, विकास अपने पैतृक गांव लामा अंतिम बार पिछले वर्ष अक्तूबर में आए थे। इससे पहले अपनी शादी (23 फरवरी 2019) के दौरान 15 दिन गांव में गुजारे थे। छोटे भाई आकाश की शादी में शामिल होने के लिए उन्हें 25 फरवरी को घर आना था। शादी सात मार्च को है।

 
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एक साल पहले हुई थी शादी - फोटो : अमर उजाला
आकाश ने बताया कि शहादत के चंद घंटे पूर्व भाई से फोन पर बात हुई थी। विकास ने आकाश से कहा था, शादी के कार्ड छप गए हों तो प्रेस से उठा लाना। सभी को निमंत्रण देना है। आकाश ने बताया कि शादी के लिए कई वाहन भी भाई ने खुद बुक किए थे। बैंडबाजा, रोड लाइट भी बुक हो चुकी थी। भइया को जितनी घर की चिंता थी, उससे ज्यादा अपने देश और ड्यूटी के प्रति गंभीर और वफादार थे।
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