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डेढ़ करोड़ का सोना: लखनऊ, कानपुर, वाराणसी के ज्वेलर्स का जेवर पहुंचाने का खेल, सामने आया चौंकाने वाला सच

Fri, 17 Sep 2021 03:12 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर सेंट्रल पर पकड़ा गया डेढ़ करोड़ का सोना - फोटो : amar ujala
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर गुरुवार को पकड़ा गया करीब साढ़े तीन किलो सोना तीन शहरों के सुनारों को पहुंचाना था। लखनऊ, कानपुर और वाराणसी के सोनारों को दिल्ली के ज्वैलर्स ने यह सोना कुरियर फर्म के माध्यम से भेजा था। प्रथम दृष्टया पकड़े गए लोगों के मामले में यह बात सामने आई है कि यह सोने को एक जगह से दूसरे शहर के सोनारों को सोना बेचने या खरीदने में जीएसटी या अन्य तमाम टैक्स से बचा जा सके। इसके मालिकाना हक पर इनकम टैक्स न बने। कानपुर सेंट्रल स्टेशन इन दिनों अवैध रुपया, सोना और माल को लाने ले जाने का मुख्य स्टेशन और रेलवे एक प्रमुख माध्यम बन गया है। सात महीने पहले 15 फरवरी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस में 1.40 करोड़ रुपये से भरा ट्रॉली बैग बरामद हुआ था।  

 
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जांच के लिए पहुंचे अधिकारी - फोटो : amar ujala
इसकी जांच आरपीएफ दिल्ली, इनकम टैक्स, रेलवे समेत दूसरी एजेंसियों ने की लेकिन यह आज तक न पता चल सका कि किसने बैग रखा था। फतेहपुर के खागा के पान मसाला कारोबारी को भी आरपीएफ ने कई लाख रुपये झोले के साथ पकड़ा था।  


 
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इसी बैग से निकला सोना - फोटो : amar ujala
वह ट्रेन से उतरकर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर पटरी पार कर सिटी साइड जा रहा था। हालांकि कारोबारी ने अपने रुपयों का रिकार्डदिया तो आयकर ने उसे छोड़ दिया था।

 

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पकड़े गए आरोपी - फोटो : amar ujala
वर्ष 2019 में मथुरा का कारोबारी भी तीस लाख रुपये के गहने के साथ पक़ड़ा जा चुका है।  शताब्दी में चार दिन पहले मिले तीन बैगों को बिना खुलवाए दिल्ली जीआरपी ने दो युवकों को थमा दिया।

 
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वार्ता करते अधिकारी - फोटो : amar ujala
बिना चेक कराए इस तरह के बैगों के आदान प्रदान से रेलवे के कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
 
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