पुलिस प्रताड़ना से हुई युवती की मौत के बाद उसके परिजन इंसाफ की आस में अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। न तो अभी तक परिजनों की ओर से कोई एफआईआर ही दर्ज हुई है और न ही चल रही मजिस्ट्रेटी जांच की कोई रिपोर्ट ही सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस सही तरीके से कार्रवाई न कर हमारे ही मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाए है।
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नीशू की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि शुक्रवार को रामनगर निवासी कल्लू की बेटी नीशू (21) को पुलिस उसकी दो सहेलियों के साथ चोरी के शक में बाजार से पकड़कर लाई थी। आठ घंटे तक कोतवाली में तीनों से पूछताछ की गई और देर रात छोड़ दिया गया। अगले दिन शनिवार को ही नीशू ने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
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थाने में रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इस पर परिजनों ने शिकायतकर्ता व्यापारी की दुकान पर बेटी के साथ छेड़खानी व कोतवाली में प्रताड़ना का आरोप लगाया था। मामले के राजनीतिक तूल पकड़ने पर मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए थे। तब से गुरुवार तक छह दिन होने के बाद भी अब तक मामले में पुलिस या शिकायतकर्ता व्यापारी किसी के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
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थाने में रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने बताया कि उन्हें लग नहीं रहा है कि नीशू को इंसाफ मिल सकेगा। इस कारण वे प्रार्थना पत्र लेकर गुरुवार को एसपी यशवीर सिंह से मिलने भी गए थे पर मुलाकात नहीं हो सकी। इधर, मामला ठंडा पड़ता देख अब पार्टी नेताओं ने भी परिजनों से मिलने का सिलसिला कम कर दिया। अधिकारी भी बयान दर्ज करने के बाद एक बार भी परिजनों को ढांढस बंधाने नहीं पहुंचे। जांच कर रहे अपर पुलिस अधीक्षक डॉ अवधेश सिंह का कहना है कि जल्द ही जांच रिपोर्ट सभी के सामने आएगी।
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थाने में रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पासपोर्ट की चोरी भी भूली पुलिस
जिस महिला के पर्स से पासपोर्ट चोरी करने के शक में पुलिस नीशू को पकड़कर कोतवाली लाई थी, आज उस पासपोर्ट को कोई पूछने वाला नहीं है। अभी तक साबित नहीं हो सका है कि नीशू उक्त चोरी में शामिल भी थी कि नहीं।
सहेलियों के परिजन भी भयभीत
मामला जितना धीमा होता जा रहा है, घटना में शामिल नीशू के सहेलियों के परिजनों का डर भी उतना ही बढ़ता जा रहा है। उनका दबी जुबान से कहना है कि कुछ लोग तरह-तरह की बातें कर परिवार को डरा रहे हैं। क्या किया जाए कुछ समझ नहीं आ रहा है।