नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को रात 9 बजे तक भैरव घाट विद्युत शवदाह गृह में कोरोना संक्रमितों सहित 57 शव पहुंचे। इनमें से 13 का बिजली से अंतिम संस्कार किया गया, 44 अन्य का लकड़ियों से अंतिम संस्कार हुआ।
विज्ञापन
1 of 5
दिल दहला देने वाला है घाटों का मंजर
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में करीब एक महीने बाद गुरुवार को कानपुर के विभिन्न घाटों पर अंत्येष्टि के लिए सबसे कम शव पहुंचे। 297 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। यह आंकड़ा पहली बार 300 से नीचे आया। वहीं, नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को रात 9 बजे तक भैरव घाट विद्युत शवदाह गृह में कोरोना संक्रमितों सहित 57 शव पहुंचे। इनमें से 13 का बिजली से अंतिम संस्कार किया गया, 44 अन्य का लकड़ियों से अंतिम संस्कार हुआ।
विज्ञापन
2 of 5
दिल दहला देने वाला है घाटों का मंजर
- फोटो : amar ujala
सबसे कम जनाजे भी दफन हुए
कानपुर के प्रमुख कब्रिस्तानों में गुरुवार को पहली बार सबसे कम 12 जनाजों को दफन किया गया। दक्षिण शहर के सबसे बड़े बगाही कब्रिस्तान में कोरोना की दूसरी लहर में यह पिछले करीब एक महीने में पहला मौका था, जब गुरुवार को कोई भी जनाजा नहीं दफन हुआ। यहां पर न सिर्फ बाबूपुरवा, बेगमपुरवा, अजीतगंज, किदवई नगर के मुस्लिम समाज के जनाजे दफन होते हैं बल्कि कैंट के मीरपुर, फेथफुलगंज, चंदारी, सुजातगंज, रेल बाजार जैसी मुस्लिम आबादी के जनाजों की तदफीन भी होती है।
विज्ञापन
3 of 5
दिल दहला देने वाला है घाटों का मंजर
- फोटो : अमर उजाला
भैरव घाट विद्युत शवदाह गृह - 57
भैरव घाट श्मशान घाट - 30
भगवत दास विद्युत शवदाह गृह - 5
भगवत दास श्मशान घाट - 17
सिद्घनाथ घाट - 24