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नहीं रहे भाजपा के 'कल्याण': कानपुर से था गहरा नाता, पार्टी कार्यालय में ठहरते, रिक्शे से शहर घूमते थे, देखें तस्वीरें

Sun, 22 Aug 2021 05:47 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कल्याण सिंह (1932 - 2021): सतीश महाना के साथ कल्याण सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का कानपुर से भी गहरा नाता रहा। जनसंघ और उसके बाद भाजपा की सियासी जमीन मजबूत करने के लिए उन्होंने शहर की सड़कों पर रिक्शे और स्कूटर से मोहल्लों के चक्कर काटे।

सादगी पसंद ऐसे थे कि वह किसी गेस्ट हाउस या होटल के बजाय भाजपा के नवीन मार्केट स्थित कार्यालय में ठहरते थे। पुरानी यादों को ताजा करते हुए कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने बताया कि उन्हें उनके मुख्यमंत्रित्व काल में काम करने का मौका मिला है।

यह उनके लिए सौभाग्य की बात है। बताया कि कानपुर में जब भी किसी कार्यकर्ता के यहां कोई कार्यक्रम होता था तो कल्याण सिंह वहां जरूर मौजूद होते थे। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सलिल विश्नोई बताते हैं कि संगठन की बैठकों में उनके साथ कई बार शामिल होने का मौका मिला। बताया कि एक बार लाठीचार्ज में उनका पैर टूट गया। इसकी खबर मिलते ही कल्याण सिंह लखनऊ से सीधे उनके घर हालचाल लेने पहुंच गए।

 
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कल्याण सिंह (1932 - 2021): सतीश महाना के साथ कल्याण सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
सांसद सत्यदेव पचौरी ने बताया कि उनकी बेटियों के शादी समारोह में कल्याण सिंह शामिल होने आए थे। बताया कि उन्होंने संगठन और सरकार दोनों को बेहतर तरीके से चलाया।

 
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कल्याण सिंह (1932 - 2021): सतीश महाना के साथ कल्याण सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
गोशाला सोसाइटी के सुरेश गुप्ता ने बताया कि वह कई बार गोशाला देखने कानपुर आए, जिससे उनके स्वागत का मौका मिला। व्यापारियों और यहां के उद्यमियों से भी उनका खास लगाव रहा।

 

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कल्याण सिंह (1932 - 2021): सत्यदेव पचौरी के साथ कल्याण सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
कई बार शहर आए थे कल्याण सिंह
जनवरी 1998 में जब कल्याण सिंह मुख्यमंत्री थे, तब वह खादी ग्रामोद्योग के तत्कालीन मंत्री राजाराम पांडे के साथ यहां खादी ग्रामोद्योग में आयोजित सेमिनार में शामिल हुए थे। 19 अक्तूबर को 2013 को कल्याणपुर के इंदिरानगर में आयोजित जनसभा को संबोधित करने भी आए थे। मुख्यमंत्री बनने से पहले उनका संगठन के कार्य से यहां लगातार आनाजाना बना रहता था।
 
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कल्याण सिंह (1932 - 2021): कानपुर में आयोजित एक बैठक में शामिल हुए थे कल्याण सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
कल्याण सिंह राम मंदिर आंदोलन को चरम पर ले जाने वाले नेता थे। उनके समय में अयोध्या का विवादित ढांचा नहीं गिरता तो आज उस जगह पर भव्य मंदिर बनना मुश्किल होता। - सतीश महाना, कैबिनेट मंत्री

भव्य राम मंदिर के स्वप्न सृजन के प्रारब्ध में शामिल साधु आत्माओं में से एक पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन से प्रभु राम ने एक अनन्य भक्त खो दिया है। प्रभु उन्हें बैकुंठ धाम में विश्रांति प्रदान करें। - अनूप अवस्थी, भाजपा क्षेत्रीय पदाधिकारी
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