कानपुर के महाराजपुर में शुक्रवार को रंग लगाने को लेकर निषाद और पासी बिरादरी के लोगों में हुए विवाद में विजय प्रकाश पासी (33) और उसकी पत्नी रीना (30) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। निषाद पक्ष के लोगों ने पासी परिवार पर लाठी-डंडे व धारदार हथियार से हमला किया। सिर पर चोट लगने से दोनों की जान गई।
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रोते बिलखते परजिन
- फोटो : अमर उजाला
मृतक के पिता रतिराम व चाची ऊषा को गंभीर हालत में हैलट में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने एक आरोपी समर, उसकी मां प्रेमा और भाई अमर, विजय को गिरफ्तार कर उसकी मां को हिरासत में लिया है। आईजी आलोक सिंह, एसएसपी अनंत देव, एसपी ग्रामीण प्रद्यु्म्न सिंह फोर्स के साथ अस्पताल व घटनास्थल पहुंचे।
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घटनास्थल पर पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
विजय की मां अनंती देवी ने बताया कि शाम लगभग 5 बजे गांव के शिवबालक निषाद का बेटा समर नशे में धुत साथी पिंटू के साथ घर आया। पति रतिराम दरवाजे पर बैठे थे। समर ने उनसे बहू रीना को रंग लगाने की बात कही तो उन्होंने विरोध किया। इस पर अमर पति को धक्का देकर जबरन घर में घुसने लगा तो मारपीट हो गई।
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रोते-बिलखते मृतक के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद समर ने फोन करके पिता शिवबालक, भाई विजय, अजय, धर्मेंद्र और दो ममेरे भाइयों को बुला लिया। डंडे और धारदार हथियार से बेटे विजय प्रकाश, बहू रीना और पति रतिराम को पीटना शुरू कर दिया। देवरानी ऊषा देवी और चचेरे देवर छेदीलाल का बेटा सोनू पहुंचा तो उन्हें भी पीटकर लहूलुहान कर दिया।
करीब आधे घंटे तक तांडव चलता रहा, लेकिन कोई भी बचाव को आगे नहीं आया। एक घंटे बाद पुलिस पहुंची, जिसके बाद घायलों को कांशीराम ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया, जहां पर विजय किशोर और रीना को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष शेष नारायण पांडेय के मुताबिक एक आरोपी अमर को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।