कानपुर में दवा एजेंट पिंटू गुप्ता के अपहरण कांड में नया खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी सतेंद्र ने फिल्म स्पेशल-26 की तर्ज पर अपहरण की साजिश रची थी। फिल्म में अक्षय कुमार के नेतृत्व में फर्जी सीबीआई टीम छापा मारकर करोड़ों रुपये के गहने लूट ले जाती है।
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पुलिस की गिरफ्त सारे आराेपी
- फोटो : अमर उजाला
सतेंद्र ने बताया कि फिल्म को देखकर ही उसके मन में फर्जी रॉ अफसर बनने का ख्याल आया। पुलिस के मुताबिक फैसल, सूरज, बच्चा, मोहम्मद कासिम व शमशाद ने जब पिंटू के अपहरण की बात कही तो सतेंद्र समझ नहीं पा रहा था कि वह कैसे वारदात को अंजाम देगा।
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पुलिस ने दवा एजेंट (नीली जैकेट में) को बचाया
- फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में सतेंद्र ने बताया कि फिल्म स्पेशल-26 का तरीका अपनाया। पुलिस लाइंस के पास स्थित दुकान से वर्दी बनवाई। सिक्योरिटी गार्ड से फर्जी आईडी कार्ड बनवाए। फिर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक सतेंद्र को विश्वास था कि अधिकारी बनकर वह जब नशीली दवाओं कारोबार करने की बात पिंटू से कहेगा तो वह आसानी से उसके चल देगा।
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पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में मारी थी गोली
- फोटो : अमर उजाला
अगर पिंटू को जबरन उठाने की कोशिश करता तो यह संभव नहीं हो पाता। इंस्पेक्टर राजेश पाठक ने बताया कि सतेंद्र पुलिस के लिए मुखबिरी भी करता था। जांच में बता चला कि कई बार पुलिसकर्मी बनकर वह लोगों को उठा लाया और उनसे पूछताछ भी की। उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।
अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटने के बाद दवा एजेंट
- फोटो : अमर उजाला
कलक्टरगंज अपहरण मामले में पुलिस की पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये। सतेंद्र ने आईबी अफसर बनकर एक महिला दरोगा से फेसबुक पर दोस्ती की थी। वह जब महिला दरोगा से कानपुर मिलने आया तो उसकी फैसल से मुलाकात हुई। इसी दौरान सतेंद्र ने फैसल व अन्य साथियों के साथ मिलकर पिंटू के अपहरण की साजिश रची।