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कूड़े के ढेर में विस्फोट, कबाड़ बीन रहे बच्चे की अंगुलियां उड़ीं, बोला पैर के नीचे आ गया था बम

Sat, 08 Feb 2020 08:31 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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विस्फोट में कूड़ा बीन रहे बच्चे की हाथ की अंगुलियां उड़ी - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में खाली प्लाट में जमा कूड़े के ढेर में विस्फोट होने से कबाड़ बीन रहे 10 साल के बच्चे के हाथ की चार अंगुलियां उड़ गईं। हादसा नौबस्ता थानाक्षेत्र के रिहायशी इलाके संजय नगर में शनिवार सुबह हुआ। तेज धमाके की आवाज सुनकर मोहल्ले वाले दहल गए। मौके पर जाकर देखा तो एक बच्चा घायल अवस्था में पड़ा था।

 
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घटना के बाद बदहवास मासूम - फोटो : अमर उजाला
बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से एक और जिंदा सुतली बम मिला है। घायल रौनक वर्मा ने पुलिस को बताया कि वह चतुर्वेदी बिल्डिंग के पास रहता है। उसके पिता राजेश वर्मा कबाड़ बेचने का काम करते हैं। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह भी कबाड़ बीनता है।

 
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विस्फोट में घायल हुआ बच्चा - फोटो : अमर उजाला
शनिवार सुबह करीब 11 बजे वह कबाड़ बीनते हुए संजय नगर मोहल्ले में पहुंचा। यहां एक खाली प्लॉट में कबाड़ बीन रहा था, तभी उसका पैर किसी चीज पर पड़ा और अचानक विस्फोट हो गया। हादसे में उसके दाएं हाथ की चार अंगुलियां उड़ गईं। मोहल्ले में रहने वाले लोग उसे प्राइवेट अस्पताल ले गए, यहां से उसे हैलट रेफर कर दिया गया।

 

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बच्चे को ले जाते हुए राहगीर - फोटो : अमर उजाला
मौके पर पहुंचीं एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता और सीओ मनोज गुप्ता ने जांच पड़ताल की। सीओ के अनुसार जो जिंदा सुतली बम मिला है, उसे फोरेंसिक लैब भेजकर तीव्रता का पता कराया जाएगा। वहीं, इलाके के लोगों ने बताया कि भले सुतली बम हो लेकिन विस्फोट इतनी तेज हुआ कि वे लोग घबरा गए। प्लाट खाड़ेपुर निवासी प्रदीप मिश्रा का बताया जा रहा है। 

 
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इसी जगह कूड़े के ढेर में हुआ था धमाका - फोटो : अमर उजाला
हैलट में होगा निशुल्क ऑपरेशन
डॉक्टरों ने हैलट में भर्ती रौनक के पिता राजेश को बुलाकर हाथ का ऑपरेशन करने की बात कही। इस पर राजेश ने डॉक्टरों को उसके पास ऑपरेशन के लिए पैसा न होने की बात कही। हालांकि, डॉक्टरों ने सरकारी खर्च से बच्चे का इलाज करने का आश्वासन दिया है। पिता ने बताया कि रौनक जब दो साल का था, तभी उसकी मां नीतू उसे छोड़कर चली गई थी। दो बड़े बेटे अतुल और ऋषि भी मजदूरी करते हैं।
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