फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: पुलिस और मेडिकल टीम पर पत्थर बरसाने के लिए चंद मिनटों में जुटाई भीड़, हुआ बड़ा खुलासा

Thu, 30 Apr 2020 02:56 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
पुलिस पर हमले के बाद तैनात फोर्स और सड़क पर बिखरे पत्थर - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के कानपुर में बजरिया के जुगियाना में हुए बवाल में मेडिकल टीम के पहुंचते ही इलाके में हलचल मच गई थी। कुछ ही मिनटों में सैकड़ों की भीड़ सड़कों पर आ गई। जांच हुई तो पता चला कि व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये बाहर इकट्ठा होने को कहा गया था। कई ग्रुपों में ऐसे मैसेज चलाए गए हैं।

 
विज्ञापन

2 of 5
चंद मिनटों में जमा हो गई सैंकडों की भीड़ - फोटो : amar ujala
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल जब्त कर जांच कर रही है। मेडिकल टीम दोपहर में साढ़े तीन बजे जुगियाना पहुंची। जिनको क्वारंटीन करना था, उनसे बातचीत की और दस से पंद्रह मिनट में उनको लेकर चल दी। इतने समय में पूरे इलाके की भीड़ जुट गई। हर गली से भीड़ निकल आई।

 
विज्ञापन

3 of 5
पत्थर बरसाने वालों को चेतावनी देती पुलिस - फोटो : amar ujala
बवाल खत्म होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर पता लगाना शुरू किया कि आखिर जब लॉकडाउन में हर कोई घरों में हैं और थाना क्षेत्र के दो इलाके हॉटस्पॉट घोषित हैं तो फिर इतने कम समय में इतनी भीड़ कहां से जुट गई। एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि उन सभी ने व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे हैं जिसमें इलाकाई लोग जुड़े हैं। मेडिकल टीम के पहुंचते ही इन ग्रुपों में मैसेज चलाए गए कि जल्द से जल्द सभी बाहर निकलें। यही वजह है कि भीड़ टूट पड़ी।

 

4 of 5
हॉटस्पॉट में सड़कों और छतों पर जमा लाेग - फोटो : amar ujala
आमने-सामने हो गए एक ही समुदाय के लोग
एसपी पश्चिम के मुताबिक जब पथराव शुरू हुआ तो उसी दौरान उसी समुदाय के लोग पथराव करने वालों का विरोध करने लगे।  दोनों पक्षों के बीच में भिड़ंत भी हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव किया। हालांकि जिस पक्ष (जो मेडिकल टीम के समर्थन में थे) ने बाद में पथराव किया वे तुरंत चले गए। जबकि अन्य लोगों ने पुलिस को निशाना बनाया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हॉटस्पॉट इलाकों में तैनात हुई पीएसी - फोटो : amar ujala
सर्विलांस को लगाया, 40 से अधिक नंबर ट्रेस
मामले में हमलावरों की शिनाख्त कर गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस टीम को भी लगाया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से सैकड़ों लोगों के मोबाइल नंबर और नाम की पुलिस ने सूची बनाई है। इनमें से 40 नंबर सर्विलांस ने ट्रेस कर लिए हैं। इनकी धरपकड़ जारी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें