बांदा जिले में मृतक बालक के पिता प्रवक्ता राजेश कुशवाहा की गांव में किसी से कोई रंजिश नहीं है। अलबत्ता उनके बेटे के अपहरण के पीछे शायद फिरौती वसूलने की मंशा रही है। इसके पीछे यह भी माना जा रहा है कि राजेश कुशवाहा के पास पांच बीघे खेत की जमीन थी।
इसमें दो बीघा जमीन बुंदेलखंड एक्सप्रेस में ले ली गई है। इसके मुआवजे के रूप में करीब आठ लाख रुपये मिला था। शायद अपहरणकर्ताओं की नजर में यह रकम ही खटक रही थी। उधर, जितनी सक्रियता पुलिस ने बालक का शव मिलने के बाद दिखाई अगर उतनी सक्रियता अपहरण की सूचना मिलने पर दिखाई होती तो शायद निर्दोष बालक प्रिंस की जान बच जाती।
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घर पर मौजूद महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों और ग्रामीणों में रोष पनपने का यह भी खास कारण है। अपहरण के बाद फोन पर अपहरणकर्ता ने पिता को हिदायत दी थी कि पुलिस को कोई सूचना न दे। वह सुबह फोन पर बताएगा। यानी सुबह कॉल करके फिरौती मांगी जाती। प्रिंस अपने घर का इकलौता बेटा था।
अपहरणकर्ता और प्रिंस के पिता के बीच हुई मोबाइल पर बातचीत
अपहरणकर्ता- ‘हैलो, मैंने तुमको मना किया था न।’
पिता राजेश- ‘किसको मना किया था?’
अपहरणकर्ता- ‘गेम खेल रहा है, गेम खेलना है।’
पिता राजेश- ‘नहीं सर, ऐसी कोई बात नहीं भइया।’
अपहरणकर्ता- ‘ठीक है, अगर तुम्हें गेम खेलना है तो मैं तुम्हें गेम ही खिला देता हूं।’
पिता राजेश- ‘नहीं भइया, ऐसी कोई बात नहीं है, हम अपने पेट में भरे हैं’
अपहरणकर्ता- ‘हम तो गेम खेलने में माहिर हैं भाई, तुम्हें भी खेलना है तो तुम्हें भी खिला देंगे। वहां क्या ढूंढ रहे हो मेन रोड में तुम लोग? चौसड़ में।’
पिता राजेश- ‘कहां मेन रोड पर? चौसड़ में सर?’
अपहरणकर्ता- ‘अपने गांव में, चौसड़ में’
पिता राजेश- ‘बताइए मैं क्या करूं? मेरे लिए क्या कह रहे हैं?’
अपहरणकर्ता- ‘मैं कल बताऊंगा जो भी होगा डिसीजन।’
पिता राजेश- ‘रोड से जाम हटाना हो तो कहिए मैं हटा दूं।’
अपहरणकर्ता- ‘जाम हटा लेंगे तो क्या होगा? मैं वहां थोड़ी बैठा हूं।’
पिता राजेश- ‘भइया हमको क्या पता, हमारी आपकी क्या दुश्मनी है। समझ में नहीं आ रहा।’
अपहरणकर्ता- ‘तामझाम मुझे मत बताओ।’
पिता राजेश- ‘मेरे लिए क्या कह रहे हैं।’
अपहरणकर्ता- ‘मैं तुम्हें कल सुबह फोन करता हूं, पता करता हूं तुम कहां-कहां खेल रहे हो?’
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गमगीन बैठे परिजन
- फोटो : अमर उजाला
छावनी बना गांव, नेताओं ने भी दी दस्तक
बालक का शव बरामद होने के बाद चौसड़ गांव पुलिस छावनी बन गया। पुलिस अधीक्षक, एएसपी, क्षेत्राधिकारी सहित कई थानों के प्रभारी और फोर्स से गांव पट गया। डॉग स्क्वॉयड भी बुला लिया गया। फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पहुंची।
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घर पर मौजूद भीड़
- फोटो : अमर उजाला
यहां पोस्टमार्टम हाउस में भी भारी पुलिस बल तैनात रहा। उधर, सपा नेता भी चौसड़ गांव पहुंचे। विधायक प्रकाश द्विवेदी (बांदा) और चंद्रपाल कुशवाहा (बबेरू) व जिला पंचायत सदस्य राजेश शिवहरे भी गांव पहुंचे और परिजनों से बात की।
सपा जिलाध्यक्ष विजय करन यादव के साथ सपाइयों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। घटना पर शोक और पुलिस की लापरवाही पर रोष जताया। 30 लाख रुपये मुआवजा और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई की मांग की।
कहा कि अपराधी जल्द गिरफ्तार नहीं हुए तो सपा आंदोलन करेगी। भरतलाल दिवाकर, अशोक श्रीवास, अचिन खरे, निर्भय सिंह मोंटी, अमोल यादव, शिवम शिवहरे, मुलायम सिंह यादव, मोहित यादव, राजा उपाध्याय, सौरभ गुप्ता, राजा हुसैन, शिवनारायण श्रीवास्तव, मुन्नीलाल कोटार्य आदि शामिल रहे।