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Suicide Case: पिता से फोन पर बोला मरने जा रहा हूं...फिर मार ली गोली, व्हाट्सएप पर लिखा- अलविदा...बाय बाय

Thu, 17 Nov 2022 06:13 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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kanpur suicide case - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में गुजैनी के अंबेडकरनगर में बुधवार सुबह प्रतियोगी छात्र अजीत यादव की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जब छानबीन की तो कई तथ्य चौंकाने वाले मिले।  उसने बुधवार सुबह 9:14 बजे व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा...अलविदा..बाय-बाय..। फिर उसने अपने पिता शिव प्रताप यादव को फोन किया।

पिता से बोला कि वह खुद को गोली मारने जा रहा है। पिता कुछ समझ पाते तब तक अजीत ने कॉल कट कर दी। चंद सेकेंड में उसने खुद की कनपटी में गोली मार ली। गोली की आवाज से जब परिजन कमरे में पहुंचे, तो देखा कि अजीत खून से लथपथ पड़ा है। एक हाथ में पिस्टल है।

जब पिता ने परिजनों को फोन कर अजीत के बारे में पूछा, तो वह घटना जान सन्न रह गए। नौबस्ता एसीपी अभिषेक कुमार पांडेय का कहना है कि जिस तरह से अजीत ने स्टेटस लगाया। पिता को फोन किया। उससे ऐसी आशंका है कि अजीत ने बाकायदा योजना बनाकर खुदकुशी की है। शायद वह काफी समय से खुदकुशी की सोच रहा था।
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kanpur suicide case - फोटो : अमर उजाला
पुलिस कार्रवाई का विरोध, सड़क जाम कर प्रदर्शन
बुधवार सुबह अजीत ने चाचा की लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली। परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, लिहाजा पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। सड़क-जाम कर प्रदर्शन करने लगे। करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने मामला शांत कराया और शव को मोर्चरी भिजवाया। डिप्रेशन की वजह से खुदकुशी करने की बात सामने आ रही है।
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kanpur suicide case - फोटो : अमर उजाला
अंबेडकरनगर निवासी अजीत यादव (24) प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उसके पिता शिव प्रताप यादव पुलिस में ड्राइवर हैं। वर्तमान में पनकी थाने की पीआरवी में तैनाती है। नौबस्ता एसीपी अभिषेक कुमार पांडेय ने बताया कि बुधवार सुबह करीब दस बजे अजीत ने चाचा की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव को सील कराया।

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kanpur suicide case - फोटो : अमर उजाला
तभी अजीत के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया और विरोध पर उतर आए। शव रखकर सड़क जाम कर दी। पुलिस अफसरों से उनकी नोकझोंक भी हुई। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि पोस्टमार्टम के बिना अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। तब उच्चाधिकारियों ने परिजनों को समझाया, जिसके बाद पोस्टमार्टम कराने को वह राजी हुए। सड़क से शव हटाया और तब जाम खुला।
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kanpur suicide case - फोटो : अमर उजाला
डिप्रेशन का चल रहा था इलाज
पुलिस को परिजनों ने बताया कि अजीत पिछले चार साल से डिप्रेशन में था। लखनऊ से उसका इलाज भी चल रहा था। डीसीपी साउथ प्रमोद कुमार ने बताया कि जिस तरह की घटना हुई, उससे यही लगता है कि डिप्रेशन की वजह से ही उसने खुदकुशी की। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अगर कोई तहरीर मिलती है, तो जांच होगी।
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