कानपुर में बाबूपुरवा हिंसा के आरोपियों को बिना शर्त छुड़ाने के लिए शनिवार को बाबूपुरवा थाने का लगभग दो हजार लोगों ने घेराव किया। कांग्रेस, सपा विधायकों के साथ शहर काजी रियाज हशमती, मौलाना आलम रजा नूरी की अगुवाई में थाने पहुंचे लोगों ने जमकर नारेबाजी की।
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पुलिस चौकी में धूं धू कर जलती गाड़ियां
- फोटो : अमर उजाला
उधर, इलाके में तनावपूर्ण शांति रही। शुक्रवार को बाबूपुरवा में हिंसा हुई थी। 40 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया था। शनिवार को सपा विधायक अमिताभ बाजपेई, इरफान सोलंकी, कांग्रेस विधायक सुहेल अंसारी, मौलाना मतीनुल हक ओसामा कासमी, मौलाना गुलाम हशमती, मौलाना गुलाम कादिर शाहिदी, मौलाना हाशिम अशरफी गद्दियाना, मौलाना मामूर अहमद कासमी, मौलाना मोहम्मद हसीब अख्तर शाहिदी समेत लगभग दो हजार लोग बाबूपुरवा थाने पहुंच गए।
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पुलिस वाहनों में लगाई गई आग
- फोटो : अमर उजाला
थाने को घेरकर नारेबाजी की और आरोपियों को छोड़ने की मांग की। गोली से जान गंवाने वाले सैफ और आफताब के घर शनिवार को बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पुलिस चौकन्नी रही। शनिवार देर शाम को बाबूपुरवा इलाके में आरएएफ, पीएसी को भी तैनात कर दिया गया है। इलाके की दुकानें बंद रहीं।
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कानपुर में भड़की हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर करीब तीन बजे सपा विधायक अमिताभ बाजपेई, इरफान सोलंकी व पूर्व विधायक कमलेश दिवाकर यतीमखाना पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। एडीजी ने तीनों से लौट जाने को कहा। इरफान वहां से चले गए, लेकिन अमिताभ व कमलेश वहीं बैठे रहे। आखिर में एडीजी के आदेश पर उन्हें हिरासत में लिया गया। इसके कुछ ही देर बाद बवाल शुरू हो गया।
गलियों से रुक-रुक कर हजारों की भीड़ ने किया हमला
उपद्रवी साजिश रचकर बवाल को अंजाम दे रहे हैं। उपद्रवियों की हजारों की भीड़ कई टुकड़ों में बंटी। फिर भीड़ ने घंटाघर रोड, साइकिल मार्केट, चमनगंज, बेकनगंज व लाक महल की तरफ से हमला करना शुरू कर दिया। पुलिस ने सद्भावना चौकी, यतीमखाना और लाल इमली चौराहे पर उपद्रवियों से मोर्चा लिया। गलियों से उपद्रवी अचानक हमला कर पथराव कर रहे थे।