रविवार को हुए भारी बवाल, आगजनी और तोड़फोड़ के बाद कानपुर में फिलहाल शांति का माहौल है। माहौल बिगड़ने के पीछे की वजह पता लगाने के लिए अब खबरियों का सहारा लिया जा रहा है।
कानपुर के रावतपुर और परमपुरवा में माहौल बिगड़ने का एक कारण बड़े-बड़े साउंड सिस्टम भी रहे हैं।
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कई दिनों से गलियों, चौराहों, धार्मिक स्थलों पर बड़े-बड़े म्यूजिक सिस्टम लगाकर 24 घंटे कानफोड़ू गीत-नात बजाए जा रहे थे
कई दिनों से गलियों, चौराहों, धार्मिक स्थलों पर बड़े-बड़े म्यूजिक सिस्टम लगाकर 24 घंटे कानफोड़ू गीत-नात बजाए जा रहे थे। इसमें उत्तेजक बातें भी कही जाती रहीं। इससे रह-रह कर लोग आक्रोशित होते थे। रावतपुर, रोशननगर और आस-पास क्षेत्रों में कई दिनों से एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों में शोर-शराबे को लेकर आपत्तियां की जा रही थीं। रोज रात में रोशन नगर के एक पंडाल के बाहर नगाड़े बजाए जा रहे थे। लोग अंदर ही अंदर आक्रोशित थे।
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रह-रह कर लोग आक्रोशित होते थे
कानपुर पहुंची रायबरेली, लखनऊ और वाराणसी की फोर्स,
कानपुर शहर में तनाव के मद्देनजर रायबरेली, लखनऊ और वाराणसी से पीएसी व आरएएफ की टुकड़ियां आ गई हैं। आईजी आलोक सिंह ने बताया कि परमपुरवा बवाल मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका और कार्यशैली की जांच कराई जा रही है। लापरवाही मिलने पर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी।
रोज रात में रोशन नगर के एक पंडाल के बाहर नगाड़े बजाए जा रहे थे
अफसर मांग रहे थे सेना
कानपुर शहर के छोटे पुलिस और प्रशासनिक अफसर पहले तो मौके की नजाकत नहीं समझ सके, जब परमपुरवा में हालात बिगड़ने लगे तो भी आला अफसरों को सही सूचना नहीं दी गई। जब हालात बेकाबू हो गए तो आला अफसरों से कहा कि साहब सेना बुला लीजिए, रावतपुर में स्थिति बिगड़ती जा रही है। इसके बाद मंडलायुक्त, एडीजी और आईजी फोर्स के साथ रावतपुर पहुंचे। स्थिति को संभाला और लोगों को समझा कर शांत कराया।