यूपी के कानपुर महानगर में गंगा किनारे बने 20 घाटों का लोकार्पण करने आए केंद्रीय जल संसाधन, भूतल परिवहन एवं नदी संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। चंद्र शेखर आजाद (सीएसए) कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि यहां अधिकारी डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और टेंडर-टेंडर ही खेलते रहते हैं, इस कारण गंगा प्रोजेक्ट में देरी हो रही है। उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तराखंड में गंगा पर 42 प्रोजेक्ट एक साथ चल रहे हैं, यूपी में दो प्रोजेक्ट ही शुरू करने में उससे ज्यादा समय लग रहा है। गडकरी ने मुख्यमंत्री से कहा कि वे अपने नगर विकास मंत्रालय को सक्रिय करें, तभी इस काम में तेजी आ पाएगी।
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नितिन गडकरी, मुरली मनोहर जोशी
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गंगा भाषणबाजी और, ऐसा होगा, वैसा होगा, ये करेंगे, वो करेंगे, से प्रदूषण मुक्त नहीं होने वाली है। इसके लिए टू द प्वाइंट काम करने की जरूरत है। यूपी में नदी, नाले, बेसिन जिसकी भी शुद्धी करनी हो कीजिए, धन की कमी नहीं होने पाएगी। मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि जितने प्रोजेक्ट गंगा को लेकर चलाना चाहते हैं, चलाइए। सभी का डीपीआर बनाकर दीजिए, हफ्ते भर के अंदर पूरा पैसा लीजिए लेकिन काम की गारंटी होनी चाहिए।
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नितिन गडकरी
- फोटो : अमर उजाला
एक और उदाहरण देते कहा कि उनके दूसरे मंत्रालय में एक प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर बननी थी। इसके लिए जब उन्होंने विभाग के चेयरमैन को बुलाया तो हर बार की तरह बहाना बनाने लगे। तीसरी बार उन्होंने चेयरमैन से कहा कि अगली बार आप मंत्रालय की सीढ़ियों से उतरकर नहीं, सीधे खिड़की से बाहर भेजे जाएंगे। फिर क्या था एक हफ्ते में डीपीआर तैयार हो गई। उन्होंने इशारों में मुख्यमंत्री से अधिकारियों पर सख्ती करने की बात भी कह डाली। कहा कि गंगा के अलावा यमुना नदी को लेकर भी योजनाएं बनाई जाएं।
उन्होंने दो टूक कहा कि सही नेता होना चाहिए, सही काम हो और पैसा हो फिर सब कुछ अच्छा और समय से होता जाता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ गंगा ही नहीं काली नदी, रामगंगा और अयोध्या में सरयू की भी डीपीआर बनाकर दीजिए, आठ दिन के अंदर मंजूरी दे दूंगा। फिर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना से कहा बोलिए कितने दिन में डीपीआर देंगे तारीख बताइए। सुरेश खन्ना ने कोई उत्तर नहीं दिया। गडकरी ने कहा कि देश का विकास हो रहा, देश बहुत आगे जा रहा है लेकिन भाषणबाजी से गंगा का शुद्धिकरण नहीं होने वाला है।