यूपी के महानगर कानपुर आए केेंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भैरोघाट चौराहे पर चल रहे सीसामऊ नाले के डायवर्जन के काम का निरीक्षण भी किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डायवर्जन का काम समय से पूरा कराया जाए। इस नाले ने कानपुर की बदनामी पूरे देश में कराई है। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि डायवर्जन के बाद समय-समय पर सिल्ट की सफाई भी होती रहनी चाहिए।
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सीएम योगी कानपुर में
- फोटो : अमर उजाला
नमामि गंगे परियोजना के तहत सीसामऊ नाले के डायवर्जन का काम चल रहा है। केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री को भैरोघाट चौराहे के पास चल रहे इस काम का निरीक्षण सोमवार को दोपहर तीन बजे करना था। दोनों तय समय से पहले 11:54 पर ही पहुंच गए। करीब पांच मिनट तक काम का निरीक्षण किया। केंद्रीय मंत्री ने जल निगम के अफसरों से कहा कि अब हर हाल में यह काम नियत समय में पूरा किया जाए। यह काम अक्टूबर में पूरा होना है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ
दिसंबर तक गंगा में एक भी नाले नहीं गिरने की प्रदेश सरकार की घोषणा पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि केें द्र सरकार मार्च या फिर अप्रैल 2019 तक गंगा को प्रदूषण मुक्त करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यदि इस कार्य को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं तो अच्छी बात है लेकिन उन्हें इसमें संदेह है। हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि उनके मंत्रालय की तरफ से धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। इस पर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नालों को गंगा में जाने से रोकने का काम तेजी से किया जा रहा है। ताकि जनवरी में इलाहाबाद में होने वाले कुंभ के अवसर पर स्नानार्थियों को शुद्ध गंगाजल प्राप्त हो सके।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
शहर में गंगा किनारे बने 20 घाटों का लोकार्पण करने आए केंद्रीय जल संसाधन, भूतल परिवहन एवं नदी संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। चंद्र शेखर आजाद (सीएसए) कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि यहां अधिकारी डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और टेंडर-टेंडर ही खेलते रहते हैं, इस कारण गंगा प्रोजेक्ट में देरी हो रही है। उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तराखंड में गंगा पर 42 प्रोजेक्ट एक साथ चल रहे हैं, यूपी में दो प्रोजेक्ट ही शुरू करने में उससे ज्यादा समय लग रहा है। गडकरी ने मुख्यमंत्री से कहा कि वे अपने नगर विकास मंत्रालय को सक्रिय करें, तभी इस काम में तेजी आ पाएगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गंगा भाषणबाजी और, ऐसा होगा, वैसा होगा, ये करेंगे, वो करेंगे, से प्रदूषण मुक्त नहीं होने वाली है। इसके लिए टू द प्वाइंट काम करने की जरूरत है। यूपी में नदी, नाले, बेसिन जिसकी भी शुद्धी करनी हो कीजिए, धन की कमी नहीं होने पाएगी। मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि जितने प्रोजेक्ट गंगा को लेकर चलाना चाहते हैं, चलाइए। सभी का डीपीआर बनाकर दीजिए, हफ्ते भर के अंदर पूरा पैसा लीजिए लेकिन काम की गारंटी होनी चाहिए।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
एक और उदाहरण देते कहा कि उनके दूसरे मंत्रालय में एक प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर बननी थी। इसके लिए जब उन्होंने विभाग के चेयरमैन को बुलाया तो हर बार की तरह बहाना बनाने लगे। तीसरी बार उन्होंने चेयरमैन से कहा कि अगली बार आप मंत्रालय की सीढ़ियों से उतरकर नहीं, सीधे खिड़की से बाहर भेजे जाएंगे। फिर क्या था एक हफ्ते में डीपीआर तैयार हो गई। उन्होंने इशारों में मुख्यमंत्री से अधिकारियों पर सख्ती करने की बात भी कह डाली। कहा कि गंगा के अलावा यमुना नदी को लेकर भी योजनाएं बनाई जाएं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने दो टूक कहा कि सही नेता होना चाहिए, सही काम हो और पैसा हो फिर सब कुछ अच्छा और समय से होता जाता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ गंगा ही नहीं काली नदी, रामगंगा और अयोध्या में सरयू की भी डीपीआर बनाकर दीजिए, आठ दिन के अंदर मंजूरी दे दूंगा। फिर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना से कहा बोलिए कितने दिन में डीपीआर देंगे तारीख बताइए। सुरेश खन्ना ने कोई उत्तर नहीं दिया। गडकरी ने कहा कि देश का विकास हो रहा, देश बहुत आगे जा रहा है लेकिन भाषणबाजी से गंगा का शुद्धिकरण नहीं होने वाला है।
गडकरी ने कहा देश बहुत आगे जा रहा है
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सीएम योगी
- फोटो : डेमो
प्रदेश का पहला बायो डिग्रेडेबल प्लांट सीएनजी प्लांट कानपुर में बनाया जाएगा। जिसे केंद्र सरकार बनाएगी। शहर के कचरे से पैदा होने वाली गैस से कम से कम पांच हजार बसें और दूसरे वाहन चल सकेंगे। यह घोषणा सोमवार को सीएसए ग्राउंड में केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने की।
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सीएम योगी
- फोटो : डेमो
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी से कहा कि वे इस प्रोजेक्ट को स्थापित करने के लिए डीपीआर तैयार कराएं, इसके लिए धनराशि की व्यवस्था केंद्र की तरफ से तुरंत की जाएगी। उन्होंने बताया कि पूरी दुनियां में कानपुर शहर गंदगी के लिए मशहूर है लेकिन यह प्रोजेक्ट इसी गंदगी की वजह से शहरवासियों के लिए फायदेमंद साबित होगा। एक बायो डिग्रेडेबल प्लांट से इतनी सीएनजी गैस निकलेगी जो प्रदेश के कई शहरों में चलने वाली सिटी बसों के लिए पर्याप्त होगी। इसके अलावा ऑटो रिक्शा के लिए र्भी इंधन मिल सकेगा।
गडकरी ने बताया कि यूपी में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए पैसा तैयार है। प्रदेश सरकार जितनी जल्दी डीपीआर देगी, उतनी जल्दी उसे केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल जाएगी। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न सिर्फ सीएनजी मिलेगी बल्कि काफी संख्या में रोजगार भी पैदा होगा। उन्होंने कहा कि कानपुर के अलावा दूसरे शहरों में भी इस प्रोजेक्ट को लगाया जा सकता है। इससे शहरों में पर्यावरण को शुद्ध करने में भी सहायता मिलेगी।