भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाने वाली किशोरी की कार के रायबरेली में रहस्यमय परिस्थिति में हादसे का शिकार होने के घटनाक्रम ने फतेहपुर के दो परिवारों की नींद उड़ा दी है। हादसे का कारण बने ट्रक का चालक और मालिक दोनों ही इस जिले के हैं। घटना के बाद से दोनों पुलिस हिरासत में हैं।
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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता को टक्कर मारने वाला ट्रक पूर्व सपा नेता का निकला
- फोटो : अमर उजाला
राज्य सरकार की ओर से इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दिए जाने से तय है कि आने वाले दिनों में दोनों परिवार के सदस्यों को सीबीआई टीम के सवालों का सामना भी करना पड़ेगा। ट्रक संचालन का बड़ा कारोबार करने वाले सपा के पूर्व जिला सचिव एवं वर्तमान में प्रसपा के जिला महासचिव नंदू पाल ने बताया कि हादसे का कारण बना ट्रक उनके भाई देवेंद्र पाल की देखरेख में है।
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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार के उड़ गए थे परखच्चे
- फोटो : अमर उजाला
रायबरेली में हादसे की जानकारी मिलते ही भाई देवेंद्र पाल तत्काल मौके पर रवाना हो गए थे। पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो अब तक रिहाई नहीं मिली। परिवार के लोगों को मिलने का मौका भी नहीं दिया जा रहा। असोथर ब्लाक की पूर्व ब्लाक प्रमुख रामश्री के पति नंदू पाल ने फिर दोहराया कि घटना सीधे-सीधे हादसे की थी। राजनीतिक कारणों से इसे साजिश प्रचारित किया जा रहा है।
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कुलदीप सेंगर
- फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने कहा कि मामले की सीबीआई जांच से दिक्कत नहीं है। चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच से जल्द से जल्द सच सामने आए। लगभग ऐसा ही नजरिया ट्रक चला रहे आशीष पाल के पिता सूरज पाल का है। उन्होंने बताया कि सोमवार को रायबरेली के गुरबख्सगंज थाने गए थे। जहां बेटे से मुलाकात नहीं करने दी गई। बेटा चार साल से ट्रक चला रहा है। छह माह से देेवेंद्र पाल के ट्रक पर ड्राइवर है। उनके उम्रदराज हो जाने के कारण बेटा ही परिवार के जीवकोपार्जन का बंदोबस्त करता था। अब भविष्य की चिंता सताने लगी है।
ट्रक से भिड़ने के बाद उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को सूचित किए बिना बाहर नहीं जा सकेंगे नंदू पाल
फतेहपुर तहसील रोड पाल नगर कालोनी में रहने वाले नंदू पाल ने बताया कि मंगलवार को शहर के जेल चौकी इंचार्ज राजेंद्र त्रिपाठी ने उनसे ट्रकों के कामधंधे के बारे में जानकारी ली। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने भी मोबाइल फोन पर बातचीत की। उनके फोन नंबर लेने के साथ बिना पुलिस को सूचित किए उनके या परिवार के सदस्यों के शहर से बाहर जाने पर रोक लगाने की जानकारी भी दी।