कानपुर में स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के पेंट्रीकार में 1.40 करोड़ रुपये मिलने के मामले में जीआरपी ने रेलवे कर्मचारियों से पूछताछ की है। रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि अगर रेलवे के इंटरकॉम नंबर पर फोन न आता तो वे लोग बैग ही न उतरवाते।
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इसी बैग में मिले रुपये
- फोटो : अमर उजाला
विभागीय नंबर पर कॉल आने से लगा कि स्टाफ से संबंधित ही बैग होगा। यह नहीं मालूम था कि इसमें रुपये हैं। जब बैग बाहर मंगवाया गया तो शंका हुई। बैग को आरपीएफ और जीआरपी की कस्टडी में खुलवाया गया।
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जीआरपी के पास ट्रेन की पेंट्रीकार में मिला नोटों से भरा बैग
- फोटो : अमर उजाला
16 फरवरी-2021 की रात लगभग दो बजे डिप्टी एसएस कामर्शियल के रेलवे इंटरकॉम पर फोन आया कि दिल्ली से आ रही स्वतंत्रता सेनानी में रखे बैग को उतरवा लो। डिप्टी एसएस कामर्शियल ने विजयशंकर नामक चपरासी को भेजा।
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ट्रेन की पेंट्रीकार में मिला नोटों से भरा बैग
- फोटो : अमर उजाला
विजयशंकर ने पुलिस को बताया कि वह बैग लेकर आ गया। इस दौरान दोबारा फोन आया तो डिप्टी एसएस कामर्शियल ने कहा कि बैग लेने को टीशर्ट पहने युवक आ गया है। युवक कोई आईडी दे तभी बैग उसकी सुपुर्दगी में देंगे। बात न बनी तो फोन करने वाले ने कामर्शियल कंट्रोल फिर आरपीएफ कंट्रोल को फोन किया।
जीआरपी प्रभारी राममोहन राय ने बताया कि कानपुर सेंट्रल पर बैग उतारने से लेकर उसको रनिंग रूम तक ले जाने वाले चपरासी सहित सात कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। बैग में रुपये होने की जानकारी होने से कर्मचारियों ने इनकार किया है।